कभी न्यूजीलैंड से हारना भारत की मजबूरी, अब सीरीज जीतने का दावेदार
2017 में मिली थी पहली टी-20 जीत, पिछले पांच द्विपक्षीय सीरीज में टीम इंडिया ने कीवी टीम को दी शिकस्त
खेल (ए)। टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम की ताकत और निरंतरता का अंदाजा न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके पिछले रिकॉर्ड से लगाया जा सकता है। शुरुआती दौर में भारत को इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब टीम इंडिया ने परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालते हुए बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।
शुरुआती दौर में कीवी टीम रही हावी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारतीय टीम को इसमें 10 रन से शिकस्त मिली। इसके दो साल बाद न्यूजीलैंड दौरे पर भी भारत को दोनों मैचों में हार झेलनी पड़ी।
2012 में चेन्नई में जीत की उम्मीद जगी, लेकिन भारतीय टीम एक रन के मामूली अंतर से मुकाबला गंवा बैठी। इसके बाद 2016 के टी-20 विश्व कप में नागपुर में न्यूजीलैंड ने भारत को 47 रन से हराकर घरेलू दर्शकों को निराश कर दिया। इस तरह शुरुआती नौ वर्षों में दोनों देशों के बीच छह मुकाबले हुए, लेकिन भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी।
रोहित-धवन की पारियों ने दिलाई पहली जीत
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय जीत 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में मिली। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 80-80 रन बनाए। भारत ने 3 विकेट पर 202 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 8 विकेट खोकर 149 रन ही बना सकी। भारत ने 53 रन से जीत दर्ज करते हुए इतिहास बदल दिया। यह मुकाबला दोनों टीमों के बीच टी-20 प्रतिद्वंद्विता में भारतीय टीम के लिए अहम मोड़ साबित हुआ।
पांच सीरीज जीतकर मजबूत हुआ भारत का दावा
2020 से भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज अपने नाम की हैं। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड की धरती पर खेली गईं। अब पांच मैचों की अगली सीरीज 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में शुरू होगी।
भारतीय टीम की कोशिश इस प्रदर्शन को बरकरार रखने और लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने की होगी। शुरुआती वर्षों में जीत के लिए संघर्ष करने वाली टीम इंडिया अब इस प्रारूप में कीवी चुनौती का सामना आत्मविश्वास के साथ करने की स्थिति में है।
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