बस्तर और धमतरी अंचल को मिली रेल की सौगात, रावघाट तक शुरू हुई ट्रेन

रायपुर से रावघाट का किराया 55 रुपए, अभनपुर-कुरूद रेलखंड भी चालू; राजधानी में 300 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव केंद्र की योजना

बस्तर और धमतरी अंचल को मिली रेल की सौगात, रावघाट तक शुरू हुई ट्रेन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दो रेलखंडों पर यात्री सेवाएं शुरू की गई हैं। ताड़ोकी-रावघाट रेल मार्ग के चालू होने से दूरस्थ रावघाट क्षेत्र पहली बार यात्री ट्रेन से जुड़ा है, जबकि अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से धमतरी अंचल के लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिला है। रायपुर से रावघाट तक 55 रुपए किराया तय किया गया है। इन सुविधाओं से शिक्षा, इलाज, रोजगार और व्यापार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

रेल सुविधाओं के विस्तार के साथ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य शहरों से जोड़ने की कोशिश तेज हुई है। रावघाट और कुरूद तक यात्री ट्रेनों की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई सेवाओं को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

दूरस्थ क्षेत्र से राजधानी तक सस्ता सफर

रावघाट तक ट्रेन पहुंचने से स्थानीय लोगों को राजधानी रायपुर आने-जाने के लिए कम खर्च वाला साधन मिलेगा। रायपुर तक 55 रुपए किराया तय किए जाने से विद्यार्थियों और नौकरीपेशा यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। इलाज के लिए राजधानी जाने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों को भी यात्रा में सुविधा हो सकती है। रेल सेवा से किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का विकल्प मिलेगा।

95 किलोमीटर लंबी परियोजना से बढ़ेगा संपर्क

दल्लीराजहरा से रावघाट तक 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण 1628 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेलखंड का काम पूरा होने के बाद ट्रेन सेवा रावघाट तक पहुंची है।

इससे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही के साथ औद्योगिक परिवहन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क के लिए महत्वपूर्ण है। रेल मार्ग के माध्यम से अयस्क की ढुलाई आसान होने से भिलाई इस्पात संयंत्र सहित अन्य उद्योगों की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। बेहतर संपर्क से स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कुरूद तक ब्रॉडगेज लाइन से यात्रियों को राहत

अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेलखंड पर गेज परिवर्तन का काम पूरा होने के बाद यात्री सेवा शुरू की गई है। इससे कुरूद और आसपास के लोगों को रायपुर तक पहुंचने के लिए रेल सुविधा मिलेगी। अभनपुर-राजिम के बीच सेवा पहले से शुरू हो चुकी है। कुरूद से धमतरी तक शेष हिस्से में काम जारी है। इसके पूरा होने पर क्षेत्र के रेल नेटवर्क का विस्तार होगा।

नई सुविधा से रोजाना यात्रा करने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को सहूलियत मिल सकती है। किसानों के लिए भी रेल संपर्क बाजार तक पहुंचने के नए अवसर खोल सकता है।

रायपुर में बनेगा इलेक्ट्रिक इंजन रखरखाव केंद्र

रेलवे ने रायपुर में इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव केंद्र की आधारशिला रखी है। प्रस्तावित केंद्र में 300 उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक इंजनों की देखरेख और मरम्मत की सुविधा विकसित करने की योजना है। इससे इंजनों की उपलब्धता और रखरखाव व्यवस्था बेहतर करने में सहायता मिल सकती है। औद्योगिक राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में मालगाड़ियों के सुचारु संचालन के लिए भी यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कई अन्य रेल कॉरिडोर की योजना

केंद्रीय रेल मंत्री ने कटनी-शहडोल-पेंड्रा रोड मार्ग पर चौथी रेल लाइन, पेंड्रा रोड-बिलासपुर तथा जांजगीर-चांपा-कोरबा खंडों में तीसरी रेल लाइन बनाने की योजनाओं का उल्लेख किया। खरसिया-नवा रायपुर-परमलकसा और कडगोड़ा-डोंगरगढ़ रेल कॉरिडोर की योजनाएं भी बताई गईं।

इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में रेल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।