सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने मैदान में उतरी दुर्ग पुलिस, हेलमेट रैली से दिया सुरक्षा का संदेश

ग्रे, ब्लैक और डेड स्पॉट चिन्हित; सड़क सुरक्षा सप्ताह में ट्रैफिक नियमों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान

दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने व्यापक और बहुस्तरीय रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। जिले में ग्रे स्पॉट, ब्लैक स्पॉट और डेड स्पॉट को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता और निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि हादसों की रोकथाम की जा सके।

इसी कड़ी में सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत दुर्ग पुलिस द्वारा हेलमेट रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने स्वयं हेलमेट पहनकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ शहरभर में भ्रमण किया। रैली का उद्देश्य आम नागरिकों को हेलमेट पहनने के महत्व और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना रहा।

रैली के दौरान पुलिस कर्मियों ने लोगों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, गति सीमा का पालन करें और ट्रैफिक सिग्नल व नियमों का सम्मान करें। पुलिस ने समझाइश दी कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे अहम कवच है।

दुर्ग पुलिस का कहना है कि चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, चेतावनी संकेतक और यातायात प्रबंधन को और मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें आम जनता की सहभागिता भी जरूरी है। नियमों का पालन कर ही सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।