1600 डिग्री की पिघली धातु की चपेट में आया श्रमिक, इलाज के दौरान मौत

रसमड़ा की जेडी स्टील इंडस्ट्रीज में रात डेढ़ बजे हुआ हादसा, सुरक्षा जांच पूरी होने तक संबंधित मशीनों के संचालन पर रोक

1600 डिग्री की पिघली धातु की चपेट में आया श्रमिक, इलाज के दौरान मौत

दुर्ग। रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक स्टील फैक्ट्री में काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में श्रमिक संतोष श्रीवास्तव की जान चली गई। फर्नेस से पिघली धातु को टंडिश में डालने के दौरान तकनीकी अवरोध और दबाव बढ़ने से निचली प्लेट फट गई, जिससे करीब 1600 डिग्री तापमान का धातु श्रमिक पर गिर गया। घटना के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने संबंधित उपकरणों का संचालन बंद कराकर सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।

रसमड़ा स्थित जेडी स्टील इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में 17 अक्टूबर की रात हुई दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे श्रमिक संतोष श्रीवास्तव की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के समय वे कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन के परीक्षण कार्य में लगे हुए थे।

धातु डालने के दौरान बढ़ा दबाव

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, कारखाने में 15 टन क्षमता वाली फर्नेस क्रमांक 1-बी से पिघली धातु को लैडल के जरिए 3 टन क्षमता वाली टंडिश कार में डाला जा रहा था। धातु का तापमान लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस था। इसी प्रक्रिया के दौरान पर्जिंग में अत्यधिक लांसिंग के कारण तापमान बढ़ने और नोजल में रुकावट आने की बात सामने आई है।

नोजल अवरुद्ध होने से पिघली धातु जमा हुई और दबाव बढ़ने पर टंडिश की बॉटम प्लेट फट गई। इसके चलते गर्म धातु पास खड़े श्रमिक पर गिर गई। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

निरीक्षण के बाद विभाग ने उठाया कदम

हादसे की जांच के लिए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कारखाने का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपनी के निदेशक अभिषेक गोयल भी उपस्थित थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने फर्नेस 1-बी, लैडल, टंडिश, नोजल और सीसीएम के संचालन पर रोक लगा दी है।

विभाग ने घटनास्थल को सुरक्षित रखने के साथ सात दिन के भीतर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट देने को कहा है। जांच में मशीनों की स्थिति, संचालन की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन की पड़ताल की जाएगी। विभाग के मुताबिक, विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार को 30 लाख रुपए दिए

मृतक श्रमिक की पत्नी शोभा को कारखाना प्रबंधन ने 30 लाख रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में दिए हैं। हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से पिघली धातु और उच्च तापमान वाली मशीनों के संचालन में तकनीकी निगरानी, उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी है।