जंग के साए में भारत को राहत: कतर से LPG लेकर मुंद्रा पहुंचा पहला जहाज
46 हजार मीट्रिक टन गैस की खेप, करीब 32.4 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर; दो और जहाज आज पहुंचने की उम्मीद
मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। कतर से LPG लेकर पहला गैस कैरियर जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया है। इसके साथ ही देश की घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।
तेल अवीव/तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति की कड़ी लगातार बनी हुई है। इसी क्रम में LPG कैरियर जहाज शिवालिक सोमवार शाम करीब 5 बजे कतर से गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। यह जहाज संघर्ष के दौरान भारत पहुंचने वाला पहला LPG कैरियर माना जा रहा है।
जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी हुई है, जिसे लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताया जा रहा है। यह खेप देश में रसोई गैस की आपूर्ति को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
बताया गया है कि यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत के लिए रवाना हुआ था। उस समय मध्य-पूर्व में हालात तनावपूर्ण बने हुए थे, ऐसे में जहाज का सुरक्षित पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार गैस आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए दो अन्य जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहे हैं। नंदा देवी नाम का जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा है और उसके मंगलवार को मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा जग लाडकी जहाज करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है। इस जहाज के भी मंगलवार को ही मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने से देश में गैस और तेल की आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी और अंतरराष्ट्रीय हालात का घरेलू बाजार पर तत्काल असर कम होगा।
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