विधानसभा घेराव में दुर्ग से पहुंचे कार्यकर्ता, कांग्रेस ने उठाए महंगाई और कानून व्यवस्था के मुद्दे
पूर्व मंत्री अरुण वोरा का भाजपा सरकार पर हमला – कहा, बड़े दावों के बावजूद जनता महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था से परेशान
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा 17 मार्च को रायपुर में प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में कांग्रेस संगठन सक्रिय हो गया है और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित कर रणनीति बनाई जा रही है।
इसी कड़ी में दुर्ग के राजीव भवन में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकलीवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में वोरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता की समस्याओं को लेकर सड़क से विधानसभा तक आवाज उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कल होने वाले विधानसभा घेराव में कांग्रेस कार्यकर्ता जनता की आवाज बनकर राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और सरकार से उन सवालों का जवाब मांगेंगे जिनसे प्रदेश का हर वर्ग प्रभावित है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 में सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
वोरा ने कहा कि किसान, युवा, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और व्यापारी—हर वर्ग आज परेशान है, लेकिन सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार के दावे “ढाक के तीन पात” साबित हो रहे हैं, क्योंकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। वोरा ने सवाल उठाया कि जब प्रशासन के पास किसानों द्वारा बोई जाने वाली फसलों का पूरा रिकॉर्ड रहता है तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की खेती कैसे हो रही थी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि इस पूरे मामले में किसका संरक्षण था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत श्रमिकों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
वोरा ने विश्वास जताया कि दुर्ग जिले से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर विधानसभा घेराव में भाग लेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज को बुलंद करेंगे।
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