जनगणना के नाम पर ठगी का खतरा, फर्जी कर्मचारियों से रहें सतर्क

रायपुर पुलिस की चेतावनी- बैंक डिटेल, OTP या निजी जानकारी मांगे तो तुरंत हो जाएं अलर्ट

जनगणना के नाम पर ठगी का खतरा, फर्जी कर्मचारियों से रहें सतर्क

देशभर में जनगणना 2026 का पहला चरण शुरू हो चुका है। घर-घर पहुंचकर कर्मचारी परिवार, मकान और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। इसी बीच रायपुर पुलिस ने लोगों को चेताया है कि जनगणना के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए सही जानकारी देना जितना जरूरी है, उतना ही सतर्क रहना भी जरूरी है।

रायपुर। देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है, जो 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग, डेटा कलेक्शन और ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। कर्मचारियों द्वारा परिवार, मकान और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली जाएगी।

इसी बीच रायपुर पुलिस ने नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग और असामाजिक तत्व लोगों को निशाना बना सकते हैं। फर्जी कर्मचारी बनकर घर पहुंचना, कॉल करना या मैसेज भेजकर निजी जानकारी लेने की कोशिश की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार ठग सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को फर्जी लिंक भेज सकते हैं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कह सकते हैं। इसके जरिए बैंक खाते, आधार नंबर, OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी चुराई जा सकती है। ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क होने की जरूरत है।

जनगणनाकर्मी आमतौर पर मकान नंबर, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, कमरों की संख्या, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और घरेलू सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। यह जानकारी केवल जनगणना प्रक्रिया के लिए ली जाती है।

हालांकि अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि कोई भी वास्तविक जनगणनाकर्मी बैंक खाता नंबर, ATM कार्ड डिटेल्स, पासवर्ड, UPI PIN, OTP या लेनदेन संबंधी जानकारी नहीं मांग सकता। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी मांगे तो तुरंत अलर्ट हो जाएं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जनगणना में सही जानकारी देना नागरिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ सतर्क रहना भी जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी कॉल या शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।