टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के लिए अमृतसर से आए थे हथियार

लॉरेंस गैंग के कथित सदस्य के निर्देश पर जुटाई गई पिस्टल और 20 कारतूस; दो महिलाओं पर मुंबई तक पहुंचाने का आरोप, पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के लिए अमृतसर से आए थे हथियार

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क सामने आया है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और 20 कारतूस अमृतसर से जुटाए गए थे। इन्हें मुंबई तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश की दो महिलाओं राधा और बबीता की मदद ली गई। पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के कुणाल और सुमित समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। इससे पहले फायरिंग के मामले में तीन अन्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया था।

अमृतसर से हथियार जुटाने की जिम्मेदारी

पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21) और सुमित (19) ने कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित के निर्देश पर एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए थे। जांच में सामने आया है कि दोनों ने अमृतसर से हथियार हासिल किए और उन्हें मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार किसने उपलब्ध कराए और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

तय जगह से उठाए गए हथियार

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर पहुंचे थे। वहां एक निर्धारित स्थान पर पिस्टल और कारतूस रखे गए थे, जिन्हें दोनों ने उठा लिया। इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है। इसमें सामान किसी तय जगह पर छोड़ दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे ले जाता है। इससे दोनों पक्षों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ती।

सूत्रों के अनुसार, हथियार जुटाने और पहुंचाने के काम के लिए कुणाल को 70 से 80 हजार रुपए दिए गए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपए महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन रकमों और लेनदेन की पुलिस जांच कर रही है।

ट्रेन से मुंबई पहुंचाई गई पिस्टल

पुलिस के मुताबिक, कुणाल की पहचान राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। आरोप है कि कुणाल ने दोनों को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया।

15 अक्टूबर को कुणाल दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। पुलिस का दावा है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी और दोनों ट्रेन से मुंबई रवाना हुईं। यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में था और महिलाओं को निर्देश दे रहा था।

दादर स्टेशन पहुंचने के बाद सौंपा गया बैग

जांच के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया। पुलिस को संदेह है कि बैग में वही पिस्टल थी, जिसका इस्तेमाल बाद में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में किया गया।

हालांकि, बैग लेने वाले लड़के की पहचान और कोटा से पकड़े गए नाबालिग के बीच संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस कड़ी की पड़ताल कर रही है।

फायरिंग के बाद आरोपियों को बाहर निकालने की योजना

पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट आई। जांचकर्ताओं का दावा है कि घटना के बाद अनिल पंडित ने कुणाल से संपर्क कर शूटरों को मुंबई से बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा था।

इसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार की ओर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुईं। पुलिस महिलाओं की यात्रा, बैग सौंपे जाने की घटना और फायरिंग के बाद आरोपियों की आवाजाही के बीच संबंध तलाश रही है।

कोटा से तीन आरोपी पहले पकड़े गए

इस मामले में पुलिस ने इससे पहले बिहार के ऋतिक कुमार और हरियाणा के रेहान तथा फूल सिंह को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली में दो महिलाओं समेत चार अन्य आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका, हथियारों की सप्लाई और कथित नेटवर्क के संचालन की जांच कर रही है।

रेहान की मां शमशीदा ने दावा किया है कि मामले का कथित मास्टरमाइंड हरियाणा में छिपा हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच जारी है।