बिलासपुर में खाद विक्रय में अनियमितता पर कार्रवाई:3 दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 300 स्थानों पर निरीक्षण, 113 बोरी यूरिया जब्त

बिलासपुर में खाद विक्रय में अनियमितता पर कार्रवाई:3 दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 300 स्थानों पर निरीक्षण, 113 बोरी यूरिया जब्त

 बिलासपुर।  बिलासपुर  जिले में किसानों को नियमित खाद सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने गुरुवार को तीन दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच में अनियमितताएं मिलने पर इन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए बिलासपुर।

कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के अनुसार, अब तक 300 स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 8 दुकानों को खाद विक्रय से प्रतिबंधित किया गया है। बरद्वार कोटा स्थित मेसर्स गीतांजली कृषि सेवा केंद्र में जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलीं।केंद्र ने 26 बोरी यूरिया बिना अनुमति के बेची। स्टॉक पंजी का रखरखाव नहीं किया। साथ ही बिना फॉर्म-ओ के जैविक उर्वरकों का कारोबार किया। इन उल्लंघनों के लिए केंद्र का लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। 

 

मेसर्स रात्रे कृषि केंद्र बिल्हा में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। यहां बिना पॉश मशीन के यूरिया खाद का विक्रय किया जा रहा था। स्टॉक पंजी का रखरखाव नहीं किया गया था। मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी। निर्धारित प्रारूप में बिल जारी नहीं किए गए थे। विभाग ने यहां से 113 बोरी यूरिया जब्त की। दुकान का लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।

मेसर्स ओम कृषि केन्द्र रतनपुर के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की अनियमितता बरतने पर नोटिस दिया गया। उचित जवाब नहीं मिलने और फर्म की ओर से लगातार कीटनाशक अधिनियम 1968 नियम 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए व्यवसाय करने दुकान का लाइसेंस तीन हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है। 

उप संचालक कृषि बिलासपुर की ओर से जिले अंतर्गत संचालित समस्त पंजीकृत आदान विक्रेताओं को निर्देश जारी किया गया है कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के प्रावधान अनुसार ही व्यवसाय किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्म के विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।