"अडानी की रेल मिल पर नजर": बीएसपी के खंडन को भूपेश ने बताया सवालों के घेरे में, पूछा- बयान की इजाजत किसने दी

बघेल बोले- जनसंपर्क अधिकारी न सेल के प्रवक्ता, न मंत्रालय के; कांग्रेस विधायक ने रहवासियों को दिए नोटिस पर घेरा, भाजपा ने जारी किया पोस्टर

"अडानी की रेल मिल पर नजर": बीएसपी के खंडन को भूपेश ने बताया सवालों के घेरे में, पूछा- बयान की इजाजत किसने दी

दुर्ग-भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचे जाने की चर्चाओं को प्रबंधन ने अफवाह करार दिया तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस खंडन पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने पूछा कि बीएसपी का जनसंपर्क विभाग किस हैसियत से खंडन जारी कर रहा है और क्या इसके लिए भारत सरकार से अनुमति ली गई थी।

अधिकारी से माफी की मांग

बघेल ने कहा कि बिक्री का निर्णय भारत सरकार के हाथ में है और जनसंपर्क विभाग न सेल का प्रवक्ता है, न इस्पात मंत्रालय का। उन्होंने मांग की कि अनुमति न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी भिलाई की जनता से क्षमा मांगे। साथ ही दावा किया कि जानकारी के अनुसार अडानी समूह की निगाह संयंत्र की इकलौती रेल मिल पर टिकी है। अडानी के दौरे की बात पर उन्होंने कटाक्ष किया कि क्या वे प्लांट घूमने आ रहे हैं।

रहवासियों को नोटिस पर सवाल

भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने प्रबंधन से पूछा कि 10 हजार रहवासियों को घर खाली करने का नोटिस क्यों थमाया गया। उनका कहना था कि बसाहट हटाई जा रही है तो इसका मकसद संयंत्र बेचना ही माना जाएगा।

पोस्टर में पटरी, बघेल बोले- यही है इशारा

भाजपा ने बघेल को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किया। बघेल ने जवाब दिया कि उन्होंने बीएसपी की बात कही थी, पर पोस्टर में ट्रेन और पटरी दिखाई गई है, जो बताता है कि अडानी की निगाह रेल मिल पर है। भाजपा विधायक रिकेश सेन के घर के बाहर धरने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे आएं तो चाय पिलाएंगे, पर पहले भरोसा दें कि भिलाई स्टील प्लांट नहीं बिकेगा।

निजीकरण का पुराना ब्योरा

बघेल ने बालको, नगरनार स्टील प्लांट सहित अन्य सरकारी संपत्तियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पावर प्लांट, ऑक्सीजन प्लांट और सिन्टर प्लांट बेचे गए। उन्होंने कहा कि अडानी समूह पहले कोयला खदानों और बिजली उत्पादन में उतरा और अब लौह अयस्क व इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार कर रहा है।