अब घर बैठे होगा पासपोर्ट सत्यापन, पुलिस को नई गाइडलाइन

ऑनलाइन प्रक्रिया से नागरिकों को राहत, माइनिंग क्षेत्रों में मुसाफिरी दर्ज करने और हाईवे पेट्रोलिंग मजबूत करने के निर्देश

अब घर बैठे होगा पासपोर्ट सत्यापन, पुलिस को नई गाइडलाइन

बिलासपुर रेंज में पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नागरिकों को सत्यापन के लिए थानों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और यह प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी।

बिलासपुर। पासपोर्ट सत्यापन को लेकर आम लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और डिजिटल बनाने के निर्देश जारी किए हैं। अब आवेदकों को सत्यापन के लिए थानों में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि यह प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में ऑनलाइन पूरी की जाएगी।

आईजी गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी थानों को निर्देशित किया कि पासपोर्ट सत्यापन का कार्य 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।

बैठक में माइनिंग क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनकी ‘मुसाफिरी’ दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूत किया जा सके।

आईजी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी पुराने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाए। समीक्षा में सामने आया कि रेंज में कुल 2374 मर्ग प्रकरण लंबित हैं, जिनमें कई मामले वर्ष 2024 से पहले के हैं।

हत्या जैसे गंभीर मामलों में डीएनए जांच और एफएसएल रिपोर्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ‘सुशासन तिहार’ के दौरान प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने पर भी जोर दिया गया।

यह समीक्षा बैठक रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।