कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की विरासत: गणतंत्र दिवस पर चुनी गई राज्य की झांकी, जनजातीय वीरों को समर्पित डिजिटल संग्रहालय बनेगा आकर्षण
सीएम साय बोले– आदिवासी शौर्य और बलिदान परंपरा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी एक बार फिर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी को मुख्य समारोह के लिए चयनित किया है, जिसमें जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की जीवंत झलक दिखाई जाएगी।
रायपुर। गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट झांकी इस वर्ष देशभर के दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगी। झांकी के माध्यम से राज्य के आदिवासी वीर नायकों की वीरता, देशभक्ति और बलिदान गाथाओं को आधुनिक डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह वही डिजिटल संग्रहालय है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में किया था।
झांकी के चयन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तुति के माध्यम से आदिवासी समाज के अदम्य साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की परंपरा पूरे देश के सामने आएगी।
✦ चार महीने चली चयन प्रक्रिया
जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव ने बताया कि गणतंत्र दिवस झांकी के लिए देशभर के सभी राज्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। करीब चार महीने तक चली कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम सूची में शामिल किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की झांकी ने भी अपनी जगह बनाई।
विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की थीम, नवाचार और कलात्मक डिजाइन की विशेष सराहना की है।
✦ ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित झांकी
जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार द्वारा निर्धारित थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। इसमें उन जनजातीय नायकों के संघर्ष और बलिदान को दर्शाया गया है, जिनकी स्मृति को संजोने के लिए यह डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि झांकी का विषय और डिजाइन पांच चरणों की कठोर जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद स्वीकृत हुआ। थ्री-डी मॉडल, संकल्पना और संगीत के विस्तृत परीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय की समिति ने इसे अंतिम मंजूरी दी।
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