विश्व आदिवासी दिवस पर कांग्रेस का भाजपा-RSS पर हमला, दीपक बैज ने उठाए बधाई संदेश पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोले- सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं ने आदिवासी समाज को शुभकामनाएं देना भी छोड़ दिया; संस्कृति, अस्मिता और पहचान के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रायपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता और पहचान की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बार 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा के शीर्ष नेताओं और सरकार की ओर से आदिवासी समाज के लिए बधाई संदेश तक जारी नहीं किया गया, जबकि 2023 से पहले भाजपा नेता नियमित रूप से शुभकामनाएं देते थे।
बैज ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल औपचारिक शुभकामना का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत, अधिकारों और पहचान को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष भाजपा के आदिवासी नेताओं की ओर से भी कोई सार्वजनिक बधाई संदेश सामने नहीं आया।
'वनवासी' शब्द को लेकर भी साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि RSS आदिवासी समाज को 'वनवासी' कहकर उसकी स्वतंत्र सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी विशिष्ट परंपराएं, संस्कृति और सभ्यता है, जिसे अलग पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।
भाजपा पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप
बैज ने कहा कि आदिवासी समाज देश की महत्वपूर्ण आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और उसकी भागीदारी व सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और RSS आदिवासी समुदाय को बराबरी के स्थान पर लाने के बजाय उसे हाशिए पर बनाए रखना चाहती हैं।
9 अगस्त को मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस
हर वर्ष 9 अगस्त को दुनिया भर में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, परंपराओं और उनकी विशिष्ट पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र ने 1994 में पहली बार इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद से प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को यह दिवस मनाया जाता है।
suntimes 