बिलासपुर में कस्टडी डेथ केस ने लिया नया मोड़: CBI ने हत्या का मामला दर्ज किया, 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट

35 वर्षीय श्रवण की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद सिम्स में हुई थी मौत; न्यायिक जांच में सिर की चोट का जिक्र, पुलिस-जेल स्टाफ की भूमिका भी जांच के घेरे में

बिलासपुर में कस्टडी डेथ केस ने लिया नया मोड़: CBI ने हत्या का मामला दर्ज किया, 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट

बिलासपुर। पुलिस हिरासत के बाद जेल पहुंचे श्रवण सूर्यवंशी की मौत के करीब ढाई साल बाद मामले की जांच ने नया मोड़ लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने हत्या की FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। जनवरी 2024 में श्रवण को आबकारी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और सिम्स अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अब CBI मौत से पहले की पूरी घटनाक्रम और हिरासत में उसके साथ हुए व्यवहार की जांच कर रही है।

शराब केस में गिरफ्तारी के बाद जेल गया था

पुलिस के अनुसार मोहरा निवासी श्रवण को 17 जनवरी 2024 को पकड़ा गया था। अगले दिन उसके पास से 6 लीटर महुआ शराब बरामद होने का दावा करते हुए आबकारी एक्ट में कार्रवाई की गई। 19 जनवरी को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

मुलाकात नहीं हो सकी, अगले दिन बिगड़ी हालत

20 जनवरी को परिवार के लोग श्रवण से मिलने जेल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं मिली। 21 जनवरी को उसकी तबीयत बिगड़ने पर जेल अस्पताल में इलाज कराया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई।

मेडिकल जांच में सिर की चोट सामने आई

न्यायिक जांच के दौरान पोस्टमॉर्टम और अन्य मेडिकल रिपोर्टों का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में जहरीले रसायन की मौजूदगी नहीं मिली। वहीं मेडिकल निष्कर्ष में सिर में लगी चोट के बाद कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया था। इसी पहलू को अब CBI की जांच में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने CBI को दिए जांच के निर्देश

12 अगस्त 2026 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को श्रवण की हिरासत में मौत की परिस्थितियों की जांच करने को कहा। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या किसी पुलिस या जेल अधिकारी की भूमिका हिंसा अथवा लापरवाही में रही। न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

15 अगस्त को बिलासपुर पहुंची CBI टीम

CBI की चार सदस्यीय टीम 15 अगस्त को बिलासपुर पहुंची। टीम ने सिविल लाइंस थाने से केस डायरी सहित संबंधित रिकॉर्ड लिए और सेंट्रल जेल जाकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ की। CBI ने 30 जुलाई 2026 को दर्ज FIR नंबर 1036 को अपनी जांच का मुख्य आधार बनाया है।

13 अक्टूबर से पहले देनी होगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने CBI को अगली सुनवाई से पहले जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। कोर्ट ने मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। अंतिम मुआवजे पर बाद में फैसला होगा।