बंगाल में चुनावी तनाव बढ़ा: स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे सुवेंदु अधिकारी, 15 बूथों पर फिर से मतदान
EVM को लेकर सियासी घमासान, ममता के बाद स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे सुवेंदु; सुरक्षा कड़ी
पश्चिम बंगाल (ए)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। कोलकाता के भवानीपुर स्थित सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेता और उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी अपने एजेंट के साथ स्ट्रॉन्ग रूम का जायजा लेने पहुंचे, जहां एक दिन पहले मुख्यमंत्री और टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी भी करीब चार घंटे तक मौजूद रही थीं।
इस घटनाक्रम के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। टीएमसी ने चुनाव अधिकारियों पर बिना सूचना के स्ट्रॉन्ग रूम खोलने और ईवीएम से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा ने भी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कोलकाता के सभी प्रमुख स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने 200 मीटर के दायरे में धारा लागू कर 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी है। साथ ही केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) की करीब 700 कंपनियां तैनात की गई हैं।
इधर चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 15 बूथों पर पुनः मतदान कराने का निर्णय लिया है। इनमें डायमंड हार्बर के 4 और मगराहट पश्चिम के 11 बूथ शामिल हैं, जहां झड़प, ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई थीं।
गौरतलब है कि गुरुवार रात खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच घंटों तक विरोध प्रदर्शन चला, जिसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आने के बाद स्पष्ट कहा कि यदि मतगणना या ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी।
कुल मिलाकर, बंगाल में चुनावी माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है, जहां सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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