छत्तीसगढ़ में फिर पकड़ी गई 2 करोड़ की अफीम खेती, मसाले के नाम पर 1.47 एकड़ में लगाई थी फसल, 2 गिरफ्तार
बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरी के तुर्रीपानी में पकड़ी गई अफीम की खेती, पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने उखाडक़र जब्त किए 18 क्विंटल 83 किलो पौधे
कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत अब अफीम की खेती पकड़ी गई है। मसाला की खेती के नाम पर 1.47 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती (Opium cultivation in CG) की गई थी। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के घने जंगल में उगाई जा रही अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया है। टीम ने जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाडक़र जब्त किया। कुल 18 क्विंटल 83 किलो पौधे जब्त किए गए। इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले के कुसमी और कोरंधा थाना क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर की जा रही अफीम की खेती पकड़ी गई है। 12 मार्च को कोरंधा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तुर्रीपानी खजुरी में खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती (Opium cultivation in CG) की जा रही है।
सूचना पर कुसमी एसडीओपी आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में पुलिस, राजस्व, वन विभाग, प्रशासन और एसएफएल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। यहां घने जंगल से घिरे खेत में अफीम के पौधे लगे मिले।
इस दौरान खेत में मौजूद 2 व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। टीम ने पंचनामा तैयार कर पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल (Opium cultivation in CG) सहित उखाडक़र जब्त किया।
ये हैं पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने जिन 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरी तुर्रीपानी निवासी सहादुर नगेशिया पिता देशिया नगेशिया 34 वर्ष तथा दुईला नगेशिया पिता गोंदरा नगेशिया 40 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध (Opium cultivation in CG) दर्ज कर लिया है।
2 करोड़ के अफीम के पौधे जब्त
जिला प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में की गई। जब्त किए गए पौधों का तौल कराने पर कुल वजन 18 क्विंटल 83 किलो (Opium cultivation in CG) पाया गया। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई गई है।
झारखंड की सीमा से लगा हुआ है क्षेत्र
बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि अफीम की खेती जिले के झारखंड सीमा से लगे जंगल क्षेत्र में छोटे-छोटे खेतों में की जा रही थी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगलों और खेतों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि अवैध मादक पदार्थों की खेती (Opium cultivation in CG) पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
आर्थिक नेटवर्क और अन्य कडिय़ों की जांच
बलरामपुर एसपी वैभव बेंकर के मार्गदर्शन में मामले (Opium cultivation in CG) की विवेचना की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध खेती के पीछे किसी संगठित गिरोह या आर्थिक नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। मामले में वित्तीय गतिविधियों और संभावित अन्य आरोपियों की भी जांच की जा रही है।
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