एकतरफा प्रेम में खूनी हमला: महिला पर जानलेवा वार करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा
दुर्ग कोर्ट का फैसला; पत्थर और धारदार कटर से किया था हमला, जुर्माना भी लगाया गया
दुर्ग-भिलाई। एकतरफा प्रेम में शादीशुदा महिला पर जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश निर्मलकर उर्फ सोनू पर एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने महिला की हत्या की नीयत से गंभीर हमला किया था।
शिकायत के बाद बढ़ी थी आरोपी की नाराजगी
अभियोजन के अनुसार पीड़िता अन्नू गायकवाड़ अपने पति से अलग होकर नेवईभाठा क्षेत्र में रह रही थीं। इसी दौरान क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश निर्मलकर उन पर एकतरफा प्रेम का दबाव बना रहा था। लगातार परेशान किए जाने से तंग आकर महिला ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी उनके प्रति रंजिश रखने लगा था।
काम पर जाते समय रास्ता रोककर किया हमला
17 अप्रैल 2025 की सुबह करीब साढ़े छह बजे पीड़िता अपने कार्यस्थल के लिए निकली थीं। इसी दौरान नेवई खदानपारा नर्सरी के पास आरोपी ने उनका रास्ता रोक लिया। विवाद के दौरान आरोपी ने पहले भारी पत्थर से महिला के सिर और चेहरे पर वार किया, फिर धारदार कटर से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के बाद घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
पुलिस ने जुटाए मजबूत साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही नेवई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, टूटी चूड़ियां और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए। अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी के बयान के आधार पर वारदात में इस्तेमाल किया गया करीब पांच किलो वजनी पत्थर और खून से सना कटर बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच में इन पर मानव रक्त के निशान मिलने की पुष्टि हुई।
12 गवाहों की गवाही बनी निर्णायक
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित कुल 12 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को मजबूत आधार प्रदान किया।
अदालत ने कहा- हमला बेहद गंभीर और घातक था
सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे जैसे संवेदनशील अंगों को निशाना बनाकर हमला किया। हमले की प्रकृति और परिस्थितियां यह दर्शाती हैं कि यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाती तो आरोपी हत्या का दोषी माना जाता।
तीन वर्ष का सश्रम कारावास, जुर्माना भी
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(2) के तहत दोषसिद्ध करते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेज दिया गया।
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