गैलेक्सी हाइट्स में बेदखली की आशंका से हड़कंप, रहवासियों के समर्थन में पहुंचे अरुण वोरा
पुलिस कार्रवाई की सूचना से बढ़ी चिंता; पूर्व विधायक ने कलेक्टर, आयुक्त और सचिव से की चर्चा, कहा- गरीब परिवारों के साथ हो मानवीय व्यवहार
बोरसी, दुर्ग। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत निर्मित गैलेक्सी हाइट्स आवासीय परिसर में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई जब कुछ आवासों को खाली कराने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना सामने आई। खबर फैलते ही रहवासियों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्या लेकर पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा से संपर्क किया, जिसके बाद वे तत्काल परिसर पहुंचे।
अरुण वोरा ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान रहवासियों ने बताया कि वर्षों से वे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था की कमी, जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, लेकिन इन मुद्दों के समाधान के बजाय अब बेदखली की कार्रवाई की जा रही है।
रहवासियों के अनुसार पूरी कॉलोनी में पानी की गंभीर समस्या है और सैकड़ों परिवार सीमित जल स्रोत पर निर्भर हैं। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण कई लोग बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। महिलाओं ने बताया कि अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं और ऐसे समय में आवास खाली करने का दबाव उनके लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अरुण वोरा ने मौके से ही कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से टेलीफोन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को सरकार की आवासीय योजनाओं के तहत आश्रय मिला है, उनके साथ संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं अभी तक दूर नहीं हुई हैं, ऐसे में तत्काल बेदखली उचित नहीं होगी।
वोरा ने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय दिया जाए ताकि वे अपनी आर्थिक और कानूनी स्थिति स्पष्ट कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि कई परिवार नियमित रूप से भुगतान कर रहे हैं और शेष बकाया राशि भी जमा करने को तैयार हैं। ऐसे में समाधान संवाद और सहमति के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, न कि दबावपूर्ण कार्रवाई के जरिए।
पूर्व विधायक ने स्थानीय प्रशासन विभाग की सचिव एस. संगीता से भी चर्चा कर लंबित मामलों के निराकरण तक किसी भी प्रकार की बेदखली कार्रवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी पात्र हितग्राही के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
इस दौरान पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, फतेह सिंह भाटिया, राजकुमार पाली, राकेश यादव और राहुल अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय देने और मानवीय आधार पर निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के हितों की रक्षा करते हुए व्यावहारिक समाधान निकालना समय की आवश्यकता है।
गैलेक्सी हाइट्स के रहवासियों को अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनके अधिकारों और समस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया है।
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