छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला! अब कम होगा सरकारी फिजूलखर्च, शासन ने की नई गाइडलाइन जारी

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला! अब कम होगा सरकारी फिजूलखर्च, शासन ने की नई गाइडलाइन जारी

छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी खर्चों में कटौती के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ईंधन, बिजली, यात्रा और कार्यालयीन खर्च कम करने के लिए वाहन पूलिंग, डिजिटल बैठकें, ई-ऑफिस और बिजली बचत जैसे उपायों को प्राथमिकता दी गई है।

छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने ईंधन, बिजली, यात्रा और कार्यालयीन खर्चों को कम करने के उद्देश्य से सभी विभागों को नई कार्यप्रणाली अपनाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत शासकीय वाहनों के उपयोग, बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यालय संचालन में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार ने वाहन पूलिंग, डिजिटल बैठकों, ई-ऑफिस और बिजली बचत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी खर्च कम हो और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

अधिकारियों के लिए लागू होगी वाहन पूलिंग व्यवस्था

सरकार ने एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की खपत कम करना और सरकारी खर्च में बचत करना है। विभागों को कहा गया है कि अनावश्यक वाहन उपयोग पर रोक लगाई जाए और यात्रा योजनाओं को समन्वित तरीके से तैयार किया जाए।

चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

शासन ने शासकीय वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू करने को कहा है। इससे ईंधन खर्च कम होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

विदेश यात्राओं पर सख्ती, मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी

सरकार ने सरकारी खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर भी नियंत्रण लगाने का फैसला लिया है। अब केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। शासन का मानना है कि इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी।

अब डिजिटल माध्यमों से होंगी बैठकें

राज्य शासन ने बैठकों और समीक्षा कार्यों में डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभागों को कहा गया है कि भौतिक बैठकों की संख्या सीमित रखी जाए और अधिकतर समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएं। निर्देशों के अनुसार, महीने में केवल एक बार ही आवश्यक भौतिक बैठक आयोजित करने पर जोर दिया गया है।

बिजली की बर्बादी रोकने विशेष निगरानी

ऊर्जा बचत को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यालय समय समाप्त होने के बाद लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद करना अनिवार्य किया गया है। शासकीय भवनों में बिजली की अनावश्यक खपत रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-ऑफिस और डिजिटल फाइलों को बढ़ावा

कार्यालयीन कार्यों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। बैठकों में अब प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह पीडीएफ और पीपीटी जैसे इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के उपयोग पर जोर दिया गया है। सभी विभागों को पत्राचार और फाइल संचालन अनिवार्य रूप से e-Office प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी होगा बदलाव

सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के स्वरूप में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है। विभागों को IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके। ऑनलाइन प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर समय और संसाधनों की बचत करने की योजना बनाई गई है।

सभी विभागों को सख्ती से पालन के निर्देश

राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि जारी किए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, किफायती और डिजिटल बनाना है, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।