जंतर-मंतर के आंदोलन में उतरी जेसीसी (जे), छात्रों के मुद्दे पर CJP को दिया समर्थन

अमित जोगी बोले- देश में तीसरे राजनीतिक विकल्प की मांग तेज, जन आंदोलनों से दलों को मिलता है आत्ममंथन का अवसर

जंतर-मंतर के आंदोलन में उतरी जेसीसी (जे), छात्रों के मुद्दे पर CJP को दिया समर्थन

राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने हिस्सा लिया। पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने देश में तीसरे राजनीतिक विकल्प की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका समर्थन किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं, बल्कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर आधारित है।

पार्टी के अनुसार यह प्रदर्शन राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

इस अवसर पर पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में पारंपरिक दलों के सामने अस्तित्व की चुनौती बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल किसी विचारधारा से जुड़े रहने भर से राजनीति में प्रासंगिकता नहीं बनी रहती, बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप संघर्षशील और जीवंत बने रहना भी आवश्यक है।

अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ी संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कॉकरोच को 'झेंगुरा' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने का उद्देश्य किसी प्रतीक का अनुकरण करना नहीं, बल्कि संघर्ष और जिजीविषा के संदेश को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के बीच भाजपा और कांग्रेस से अलग एक सशक्त तीसरे राजनीतिक विकल्प की मांग लगातार बढ़ रही है। राजनीतिक दलों को जनता की इस भावना को समझना चाहिए और आत्ममंथन के लिए तैयार रहना चाहिए।

पार्टी ने यह भी संकेत दिए कि छात्रों, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर समान सोच रखने वाले संगठनों के साथ भविष्य में सहयोग की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फिलहाल उसका समर्थन केवल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तक सीमित है।

जेसीसी (जे) का मानना है कि जन आंदोलन लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम हैं और ऐसे प्रयास राजनीतिक दलों को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने की प्रेरणा देते हैं।