तखतपुर में ‘पागल कुत्तों’ का आतंक, 16 लोगों को काटा… अब तक पकड़ से बाहर

तखतपुर में संदिग्ध पागल कुत्तों के हमले से दहशत फैल गई है, जहां शहर और आसपास के गांवों में कई लोगों को निशाना बनाया गया और लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

तखतपुर में ‘पागल कुत्तों’ का आतंक, 16 लोगों को काटा… अब तक पकड़ से बाहर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर गुरुवार सुबह तखतपुर क्षेत्र में संदिग्ध रूप से पागल कुत्तों ने आतंक मचा दिया। नगर क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांव भथरी और पचबहरा में भी लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आईं। अचानक हुए इन हमलों से इलाके में भय का माहौल है और लोग घरों से निकलने में सतर्कता बरत रहे हैं।

 16 लोग घायल, बच्चों में भी दहशत

हमलों में अब तक बच्चों समेत 16 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तखतपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उपचार के लिए पहुंचाया गया। घायलों में कई के जख्म गंभीर बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों में चिंता बढ़ गई है।

अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन, लेकिन सीरम की कमी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि, जिन मरीजों के घाव गंभीर थे, उन्हें रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (सीरम) की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में इसकी उपलब्धता नहीं होने के कारण केवल इंजेक्शन देकर ही मरीजों को वापस भेजना पड़ा। इससे उपचार की पूर्णता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कुत्ते अब भी पकड़ से बाहर

स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय की टीमों के प्रयासों के बावजूद हमलावर कुत्ते अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक से अधिक आवारा कुत्ते इस हमले में शामिल हैं, जो अलग-अलग इलाकों में घूमकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

लोगों में आक्रोश, त्वरित कार्रवाई की मांग

लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर कुत्तों को पकड़ने और इलाके को सुरक्षित बनाने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक दवाओं और सीरम की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठ रही है।

अपडेट: प्रशासन हरकत में

ताजा जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीमों को कुत्तों को पकड़ने के लिए लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अतिरिक्त एंटी-रेबीज दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या करें- सावधानी जरूरी

आवारा कुत्तों से दूरी बनाकर रखें

बच्चों को अकेले बाहर न भेजें

काटने पर तुरंत साबुन से घाव धोकर अस्पताल पहुंचें

एंटी-रेबीज टीकाकरण समय पर पूरा कराएं