तेल की कीमतों के उछाल से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में

दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट पर बंद बाजार

तेल की कीमतों के उछाल से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे और अंत तक उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुए।

मुंबई (ए)। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक संकेतों की नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया।

कारोबार के दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे सेंसेक्स 836 अंकों की गिरावट के साथ 77,680 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक फिसलकर 24,178 के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि, निचले स्तरों से सेंसेक्स ने करीब 500 अंकों की रिकवरी की, लेकिन बाजार बंद होने तक फिर से दबाव में आ गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे दिन बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी अनिश्चितता और आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने तेल बाजार को प्रभावित किया है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ा है।

वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे, वहीं अमेरिकी बाजारों के संकेत भी सकारात्मक नहीं रहे।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो 16 में से 12 सेक्टर गिरावट में रहे। ऑटो सेक्टर में सबसे अधिक करीब 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी दबाव देखने को मिला, जहां आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट आई। हालांकि, फार्मा सेक्टर में करीब 2.3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

इस बीच, भारतीय रुपये में भी कमजोरी जारी रही और डॉलर के मुकाबले यह 94.12 के स्तर तक गिर गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। बीते कारोबारी सत्र में एफआईआई ने 2078 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी दृष्टि से निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि नीचे की ओर 24,150 से 23,980 तक गिरावट की संभावना जताई जा रही है।