दो-तीन दिन का ही गैस स्टॉक बचा, शहर के होटल-रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर
शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहराने लगा है। अधिकांश संचालकों के पास सिर्फ दो-तीन दिन का ही गैस स्टॉक बचा है।
शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय गंभीर संकट में आ गया है। अधिकांश होटल संचालकों के पास मात्र दो से तीन दिनों का ही गैस स्टॉक बचा है। जिनके यहां स्टॉक है वे कुछ दिन निकाल लेंगे, शेष के यहां रेस्टोरेंट में ताले डालने की नौबत आ गई है वहीं समाधान में देरी से अन्य होटल रेस्टोरेंट भी बंद करना पड़ सकते हैं।
होटल व्यवसायियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद हो चुकी है, जिससे रोजमर्रा के संचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस के बिना रसोई चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे ग्राहकों को भी असुविधा हो रही है। पहली बार हुआ है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर वितरण नहीं करने सरकार द्वारा अधिकृत रूप से गैस एजेंसियों और प्रशासन को एडवाइजरी दी गई है।
ऑनलाईन सिलेंडर बुकिंग प्रभावित
घरेलू गैस सिलेंडर की वितरण व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों पर बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। वहां जाने पर पता चला कि सर्वर काम नहीं कर रहा है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उनका सिलेंडर ऑनलाइन बुक हुआ भी है या नहीं। एजेंसी संचालक भी ग्राहकों को संतुष्ट नहीं कर पा रहा है। इतना भर कह रहे हैं कि पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद नई बुकिंग की जा रही है। इसको लेकर एजेंसी पर बहस भी हो रही है।
नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो
होटल व्यवसायी जयंत नायडू ने प्रशासन और गैस एजेंसियों से जल्द से जल्द कामर्शियल गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होटल व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ सकता है, वहीं कई होटलों ने गैस की बचत के लिए अपने मीनू में भी कटौती कर दी है। इस समस्या से कई कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
वुडन भट्ठी बनाने की तैयारी
स्थिति को देखते हुए कई होटल संचालक अब वैकल्पिक व्यवस्था की ओर भी रुख कर रहे हैं। होटल व रेस्टोरेंट व्यवसायी मनोहर लुनिया ने बताया कि वह गैस आपूर्ति नहीं होने की स्थिति में रेस्टोरेंट चलाने के लिए वुडन भट्ठी (लकड़ी की भट्ठी) का निर्माण करा रहे हैं ताकि जरूरत पडऩे पर खाना बनाना जारी रखा जा सके। वहीं कई होटलों ने गैस की बचत के लिए अपने मीनू में भी कटौती कर दी है।
ठेले खोमचे वाले भी प्रभावित
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद करने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, चाय-नाश्ता ठेले इत्यादि के सामने संकट खड़ा हो गया है। कुछ ठेले संचालकों को तो यह भी पता नहीं था कि कमर्शियल गैस सिलेंडर वितरण पर रोक लगाई जा चुकी है। जब उन्हें बताया तो आनन फानन में एजेंसी की दौड़ लगाई लेकिन कोई हल नहीं निकला ऐसे में वे सरकार को कोसते नजर आए। कमर्शियल की आपूर्ति रूकने के बाद ठेले खोमचे वालों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है वे अगर घरेलू सिलेंडर का उपयोग करते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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