नगपुरा में सरकारी सड़क पर कब्जे का आरोप, पीड़ित महिला न्याय के लिए भटक रही
रिकॉर्ड में 40 फीट चौड़ी सड़क मौजूद, जमीन पर रास्ता गायब; प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से बढ़ा विवाद
दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत नगपुरा में सरकारी सड़क पर कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। दस्तावेजों में दर्ज 40 फीट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण होने का आरोप है, जिससे एक महिला की जमीन तक पहुंच का रास्ता बंद हो गया है। पीड़ित पक्ष न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
दुर्ग। जिले की ग्राम पंचायत नगपुरा में सरकारी भूमि और सड़क पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रिकॉर्ड में दर्ज लगभग 40 फीट चौड़ी सड़क जमीन पर गायब होने के आरोप लग रहे हैं। इस विवाद के कारण एक महिला की निजी भूमि तक पहुंच बाधित हो गई है, जिससे वह लंबे समय से प्रशासन से गुहार लगा रही है।
जानकारी के अनुसार नगपुरा निवासी बिमला बाई महोबिया के नाम खसरा नंबर 1608 के तहत करीब पौन एकड़ भूमि दर्ज है। इस जमीन तक पहुंचने के लिए जिस सड़क का उपयोग होना था, वह राजस्व रिकॉर्ड और नक्शों में आज भी दर्ज बताई जा रही है। हालांकि मौके पर सड़क की जगह निर्माण और कब्जे होने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित महिला और उनके परिजनों का कहना है कि रास्ता बंद होने से जमीन का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। मामले को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों में आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ कब्जाधारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो मामला और गंभीर हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में सड़क दर्ज है तो प्रशासन को मौके पर सीमांकन कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे न केवल विवाद खत्म होगा, बल्कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की वास्तविकता भी सामने आएगी।
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह मामले में जांच कर रास्ता बहाल करता है या नहीं। यह मामला सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड, सरकारी भूमि संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा माना जा रहा है।
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