बरगी डैम क्रूज हादसा: 9 की मौत, मां-बेटे का साथ नहीं टूटा; 4 अब भी लापता
बरगी डैम में तूफान बना काल, अभी तक 28 लोगों को बचाया गया; सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
जबलपुर (ए)। जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा प्रदेश के सबसे दर्दनाक जल हादसों में से एक बन गया है। गुरुवार शाम करीब 5 बजे अचानक तेज हवाओं और आंधी के चलते पर्यटन विभाग का क्रूज संतुलन खो बैठा और कुछ ही पलों में पानी में समा गया।
प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें महिलाएं और एक मासूम बच्चा भी शामिल है। करीब 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन बच्चों सहित चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
हादसे के वक्त क्रूज में यात्रियों की संख्या को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, टिकट केवल 29 लोगों की कटी थी, जबकि क्रूज में 40 से अधिक लोग सवार थे। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जहां तेज हवा की रफ्तार ने हालात को और भयावह बना दिया।
इस दुर्घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर एक मां और उसके चार साल के बेटे की रही, जिनके शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। बताया जा रहा है कि मां ने आखिरी क्षण तक अपने बच्चे को सीने से लगाए रखा। यह दृश्य राहत टीम के सदस्यों को भी भावुक कर गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की टीम ने अहम भूमिका निभाई, लेकिन खराब मौसम और अंधेरे के कारण राहत कार्य में बाधाएं आईं। कई लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ को नावों और विशेष उपकरणों की मदद से निकाला गया।
क्रूज के पायलट ने बताया कि मौसम अचानक बिगड़ गया और संभलने का कोई मौका नहीं मिला। हालांकि, हादसे के बाद यह भी सामने आया कि कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदारियों का निर्धारण करने की बात कही है।
इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था की गंभीरता को उजागर कर दिया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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