‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए’ अभियान में छत्तीसगढ़ से 1962 प्रकरणों का सफल निपटारा
90 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान 11,144 लंबित मामले मध्यस्थता के लिए भेजे गए; वैवाहिक, व्यावसायिक और उपभोक्ता विवाद सहित विविध प्रकार के मामलों में समाधान
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए’ अभियान के तहत कुल 1962 लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। यह अभियान 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक चला और राज्य से 11,144 लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान के लिए भेजा गया था। अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों को त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाना था।
बिलासपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) द्वारा संचालित यह 90 दिवसीय अभियान देशभर के न्यायिक तंत्र में लंबित विवादों को हल करने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान न्यायिक स्तरों — तालुका से लेकर उच्च न्यायालय तक — पर सस्ता और शीघ्र न्याय प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया से न केवल विवादित मामलों में समाधान हुआ, बल्कि अदालतों पर मामलों का बोझ भी कम हुआ।
इस अभियान में शामिल मामलों में प्रमुख रूप से शामिल थे —
- वैवाहिक विवाद
- मोटर दुर्घटना दावे
- घरेलू हिंसा के मामले
- चेक बाउंस और वाणिज्यिक विवाद
- सेवा संबंधी मामले और श्रम विवाद
- अपहरण, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और ऋण वसूली से जुड़े मामले
- अन्य उपयुक्त दीवानी और आपराधिक समझौता योग्य प्रकरण
अभियान के परिणामस्वरूप राज्य के नागरिकों को समय पर न्याय मिला और लंबित मामलों का समाधान सौहार्दपूर्ण एवं प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया गया।
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