राइस समिट में सीएम साय की बड़ी घोषणा, मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ी

चावल निर्यातकों और किसानों को राहत, रायपुर में एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ

राइस समिट में सीएम साय की बड़ी घोषणा, मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ी

राजधानी रायपुर में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चावल निर्यातकों और किसानों के हित में अहम फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क में दी जा रही छूट की अवधि को एक वर्ष और बढ़ाने की घोषणा करते हुए इसे प्रदेश के कृषि और निर्यात क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को राजधानी के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने चावल निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंडी शुल्क में दी जा रही छूट की अवधि को एक साल के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के इस फैसले से राज्य के चावल निर्यातकों के साथ-साथ किसानों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पादों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती इस दिशा में एक सराहनीय पहल है, जिसे सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी।

छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण छत्तीसगढ़ के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें 12 देशों के बायर्स और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी से प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” बताते हुए कहा कि यह नाम आज भी पूरी तरह सार्थक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान की हजारों किस्में उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज चावल की खुशबू और गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अलग पहचान रखती है। ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ से चावल के निर्यात को नई गति मिलेगी।

90 देशों तक पहुंच रहा छत्तीसगढ़ का चावल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिल रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ से लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है। बीते वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष इसमें और वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।