मेटा की ग्लोबल टीम को केंद्र सरकार का समन, कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा मानकों पर मांगा जवाब

5 और 6 अगस्त को होगी अहम बैठक, CSAM, फर्जी एआई कंटेंट और वेरिफाइड अकाउंट्स पर कार्रवाई के मामलों में मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

मेटा की ग्लोबल टीम को केंद्र सरकार का समन, कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा मानकों पर मांगा जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी और कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा की ग्लोबल टीम को तलब किया गया है। आगामी 5 और 6 अगस्त को होने वाली बैठक में सरकार चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM), फर्जी एआई कंटेंट, वेरिफाइड अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई और हालिया तकनीकी चूकों सहित कई गंभीर मुद्दों पर कंपनी से विस्तृत जवाब मांगेगी।

नई दिल्ली (ए)। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते सुरक्षा संबंधी मामलों और कंटेंट मॉडरेशन की खामियों को गंभीरता से लेते हुए मेटा की ग्लोबल टीम को समन जारी किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ओर से आयोजित बैठक में कंपनी से संवेदनशील मामलों में हुई चूक और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में विशेष रूप से चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) की रोकथाम, फर्जी या सिंथेटिक एआई आधारित कंटेंट, वेरिफाइड नेताओं और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के अकाउंट्स पर हुई गलत कार्रवाई तथा कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की विश्वसनीयता जैसे विषयों पर चर्चा होगी। मंत्रालय का मानना है कि इन मामलों में कंपनी की ओर से अब तक दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं रहे हैं।

वीडियो हटने के बाद बढ़ी निगरानी

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो पोस्ट के कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट जाने की घटना के बाद सरकार ने मेटा की कार्यप्रणाली की समीक्षा तेज कर दी है। कंपनी ने इस घटना को तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया है और स्पष्ट किया है कि बाद में संबंधित पोस्ट को पुनः बहाल कर दिया गया था।

CSAM मामलों पर भी होगी समीक्षा

बैठक में इंस्टाग्राम पर कथित रूप से चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े विज्ञापनों और कंटेंट के प्रसार को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी। इससे पहले सरकार इस मामले में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी है। अब यह समीक्षा की जाएगी कि नोटिस के बाद मेटा ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कौन-कौन से सुधारात्मक कदम उठाए हैं।

मॉडरेशन सिस्टम पर उठे सवाल

हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े कुछ विज्ञापन दिखाई दिए, जिनके माध्यम से उपयोगकर्ताओं को अन्य प्लेटफॉर्म्स की ओर भेजा जा रहा था। इन दावों के बाद मेटा ने संबंधित विज्ञापनों और अकाउंट्स पर कार्रवाई करने तथा कई लिंक हटाने की जानकारी दी थी। हालांकि कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं होती और समीक्षा प्रक्रिया में कुछ मामलों की पहचान छूट सकती है।

सरकार का फोकस जवाबदेही पर

सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अवैध और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाना तथा सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाना है। माना जा रहा है कि 5 और 6 अगस्त को होने वाली बैठक के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई और नीतिगत निर्णयों पर भी चर्चा हो सकती है।