कोहरे की चादर में पेंड्रा, बारिश ने बदला मौसम का मिजाज

रायपुर में एक सप्ताह बाद बरसे बादल, अमरकंटक में बारिश से ठंडक; प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

कोहरे की चादर में पेंड्रा, बारिश ने बदला मौसम का मिजाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। शुक्रवार रात रायपुर में तेज बारिश के बाद शनिवार सुबह पेंड्रा और गौरेला इलाके में घना कोहरा छा गया। दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और चालकों को दिन में भी हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

कोहरे से ढकीं पेंड्रा की सड़कें

सुबह के समय पेंड्रा क्षेत्र में अचानक घना कोहरा छा गया। कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम रही। गौरेला-अमरकंटक मार्ग पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। कम विजिबिलिटी के चलते कई वाहन दिन में ही हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलते नजर आए।

बारिश के बाद अमरकंटक में मौसम सुहावना

अमरकंटक में बारिश के बाद मौसम का तापमान नीचे आया। बारिश के साथ ठंडी हवाओं के चलते वातावरण सुहावना हो गया। क्षेत्र में बदलते मौसम का असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दिया।

रायपुर में रात को बदला मौसम

राजधानी रायपुर में शुक्रवार शाम से मौसम में बदलाव शुरू हुआ। तेज हवाओं के बाद कई हिस्सों में बारिश हुई। रात में गरज-चमक के साथ हुई बौछारों ने शहर का मौसम बदल दिया। करीब एक सप्ताह के अंतराल के बाद हुई बारिश से तापमान और उमस में राहत मिली।

कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली सहित कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

24 जिलों में भी तेज हवा और बिजली का अलर्ट

रायपुर के अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।