रायपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्कर धराए
50 करोड़ में सौदे की कर रहे थे तैयारी; मुखबिर सूचना पर दबिश, झोपड़ी से बरामद हुआ दुर्लभ जीव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जिंदा Pangolin के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सौदेबाजी के दौरान मिली सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया और दुर्लभ जीव को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रायपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने भाठागांव क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक जिंदा Pangolin के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद किया गया यह जीव अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का माना जाता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक तिवारी के अनुसार विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पैंगोलिन को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने रावण भाटा मैदान के आसपास घेराबंदी की और कुछ अधिकारियों को खरीदार बनाकर आरोपियों से संपर्क कराया गया।
बातचीत के दौरान आरोपियों ने इस दुर्लभ जीव की कीमत करीब 50 करोड़ रुपए बताई। इसके बाद जब टीम ने पैंगोलिन देखने की बात कही, तो आरोपी उन्हें पास की एक कॉलोनी के पीछे स्थित झोपड़ी में ले गए, जहां उसे छिपाकर रखा गया था।
मौके पर ही वन विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया और पैंगोलिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्यारेलाल गोपचे और गोखन हलदार के रूप में हुई है, जो क्रमशः बालाघाट और कांकेर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
प्राथमिक पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी शिकार के बाद ग्राहक की तलाश में थे। वन विभाग अब इस पूरे मामले में तस्करी के नेटवर्क की भी जांच कर रहा है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है, जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले उन्होंने कितनी बार इस तरह की तस्करी को अंजाम दिया है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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