ऑटो-पेमेंट पर यूजर्स का बढ़ा नियंत्रण: विदेशी सब्सक्रिप्शन से पहले मिलेगा अलर्ट

RBI के नए नियम लागू; 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन और OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य, ट्रांजैक्शन लिमिट भी तय

ऑटो-पेमेंट पर यूजर्स का बढ़ा नियंत्रण: विदेशी सब्सक्रिप्शन से पहले मिलेगा अलर्ट

डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी ऑटो-पेमेंट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। अब यूजर्स को किसी भी अंतरराष्ट्रीय सब्सक्रिप्शन के भुगतान से पहले सूचना मिलेगी और वे चाहें तो समय रहते इसे रोक भी सकेंगे।

नई दिल्ली (ए)। डिजिटल लेनदेन में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक भुगतान (ई-मेंडेट) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय सेवा के लिए निर्धारित ऑटो-पेमेंट से पहले ग्राहकों को 24 घंटे पूर्व सूचना दी जाएगी, जिससे वे भुगतान पर नियंत्रण रख सकें।

यह नियम विशेष रूप से Netflix और YouTube जैसी विदेशी डिजिटल सेवाओं के सब्सक्रिप्शन पर लागू होगा, जहां हर महीने स्वतः भुगतान कटता है। अब यूजर को ट्रांजैक्शन से पहले अलर्ट मिलेगा और वह चाहे तो इसे रद्द या रोक सकता है।

RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि ऐसे भुगतान के लिए एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य किया जाए। इसका उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड को रोकना और उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा प्रदान करना है।

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ई-मेंडेट के तहत ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान की राशि तय कर सकते हैं। वे या तो निश्चित राशि निर्धारित कर सकते हैं या अधिकतम सीमा तय कर सकते हैं, जिसके भीतर ही भुगतान हो सके।

लेनदेन की सीमा भी स्पष्ट की गई है। सामान्य ई-मेंडेट ट्रांजैक्शन के लिए प्रति भुगतान ₹15,000 तक की सीमा तय की गई है, जबकि क्रेडिट कार्ड बिल, बीमा प्रीमियम और म्यूचुअल फंड जैसे भुगतानों के लिए यह सीमा ₹1 लाख तक रखी गई है। इससे अधिक राशि के लिए अतिरिक्त सत्यापन जरूरी होगा।

इसके अलावा, यदि कोई ग्राहक अपने ई-मेंडेट में बदलाव करता है या उसे रद्द करता है, तो बैंक को दोबारा सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इन नए नियमों के लागू होने से न केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को अपने वित्तीय लेनदेन पर बेहतर नियंत्रण भी मिल सकेगा।