रेलवे का बड़ा अपग्रेड! रायपुर के छोटे स्टेशनों पर अब मिलेंगी बड़े शहर जैसी सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सरोना और बालोद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा हो गया है। यात्रियों को अब लिफ्ट, फुट ओवरब्रिज, डिजिटल डिस्प्ले, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं और आधुनिक यात्री सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर रेल मंडल के सरोना और बालोद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूरा हो गया है। दोनों स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। रेलवे ने स्टेशनों की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ दिव्यांगजन, बुजुर्ग और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं विकसित की हैं।
स्टेशन पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
रेनोवेशन के बाद दोनों स्टेशनों पर कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें शामिल हैं आकर्षक एवं आधुनिक प्रवेश द्वार, चौड़े फुट ओवरब्रिज, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, प्लेटफॉर्म पर कवर शेड, कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम, डिजिटल मार्गदर्शन साइनेज, बेहतर प्रकाश व्यवस्था,आधुनिक यात्री सुविधाएं। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है।
दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया है। दोनों स्टेशनों पर रैंप की सुविधा, आरक्षित पार्किंग, लो-हाइट टिकट बुकिंग काउंटर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, लो-हाइट ड्रिंकिंग वाटर बूथ, व्हीलचेयर की व्यवस्था, जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि सभी वर्गों के यात्रियों को आसानी से सेवाएं मिल सकें।
करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए स्टेशन
सरोना और बालोद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 19.94 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।सरोना स्टेशन: 13.57 करोड़ रुपए, बालोद स्टेशन: 6.37 करोड़ रुपए। रेलवे का उद्देश्य छोटे और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को बड़े स्टेशनों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी मिलेगी
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत केवल भवनों का आधुनिकीकरण ही नहीं किया जा रहा, बल्कि स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति और विरासत से भी जोड़ा जा रहा है। इसके तहत स्थानीय कला आधारित डिजाइन, आकर्षक गार्डन, आधुनिक प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, चौड़ी पहुंच सड़कें, सुव्यवस्थित पार्किंग, डिजाइनर साइनेज, स्टेशन तक आसान पहुंच जैसी सुविधाओं का विकास किया गया है।
15 में से अब तक सिर्फ 5 स्टेशन ही तैयार
रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन योजना में कुल 15 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया था। अब तक जिन स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हुआ है, उनमें भिलाई, उरकुरा, भानुप्रतापपुर, सरोना, बालोद, शामिल हैं। हालांकि, अभी भी 10 स्टेशनों पर कार्य जारी है और अब तक कोई भी स्टेशन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
रायपुर स्टेशन का इंतजार अभी जारी
जहां सरोना और बालोद जैसे छोटे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों के लिए तैयार हो चुके हैं, वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अभी भी जारी है। रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना होने के बावजूद इसका निर्माण तय समयसीमा के भीतर पूरा होता नहीं दिख रहा है। यात्रियों को उम्मीद है कि रायपुर स्टेशन का आधुनिकीकरण भी जल्द पूरा होगा, जिससे राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
सरोना और बालोद स्टेशनों के आधुनिकीकरण से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम भी बनेगा। आधुनिक तकनीक, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं और स्थानीय संस्कृति से जुड़ा नया स्वरूप इन स्टेशनों को क्षेत्रीय रेलवे नेटवर्क में नई पहचान देगा।
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