इंदौर में दूषित पानी का कहर: किडनी फेल होने से रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत, आंकड़ा 17 तक पहुंचा

भागीरथपुरा में 9416 लोगों की जांच, 20 नए मरीज मिले; 142 का इलाज जारी, शासन आज हाईकोर्ट में देगा रिपोर्ट

इंदौर में दूषित पानी का कहर: किडनी फेल होने से रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत, आंकड़ा 17 तक पहुंचा

*इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से फैल रही बीमारी ने एक और जान ले ली है। रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत के साथ ही इस मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक जांच, उपचार और राहत कार्य जारी हैं, जबकि शासन इस गंभीर मामले पर मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा।*

इंदौर (ए)। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी से फैली बीमारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को 17वीं मौत की पुष्टि हुई। मृतक रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) मूल रूप से धार जिले की शिव विहार कॉलोनी के निवासी थे और अपने बेटे से मिलने इंदौर आए हुए थे।

बताया गया कि 1 जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच में उनकी किडनी फेल होने की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर 2 जनवरी को उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया और बाद में वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार दोपहर करीब 1 बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार, ओमप्रकाश शर्मा पहले से केवल ब्लड प्रेशर के मरीज थे, लेकिन दूषित पानी के कारण उनकी किडनी बुरी तरह प्रभावित हुई।

इधर, बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। रविवार तक आईसीयू में भर्ती 11 मरीजों में से 4 को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि 7 मरीजों का इलाज अभी भी आईसीयू में जारी है। अब तक कुल 398 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 256 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल 142 मरीजों का इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में सघन सर्वे और जांच अभियान तेज कर दिया है। 4 जनवरी को 2354 घरों का सर्वे कर 9416 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें 20 नए मरीज सामने आए। इसके साथ ही 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप भी लिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

राहत कार्यों के तहत प्रत्येक घर में 10 ओआरएस पैकेट, 30 जिंक की गोलियां और पानी शुद्ध करने के लिए क्लीन वाटर बॉटल किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा 17 टीमें लगातार लोगों को स्वच्छता और सुरक्षित पानी के उपयोग को लेकर जागरूक कर रही हैं। इन टीमों में जन अभियान परिषद, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सुपरवाइजर और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं।

वहीं, इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा, जिसमें अब तक की कार्रवाई, स्वास्थ्य स्थिति और भविष्य की रणनीति का ब्यौरा दिया जाएगा।