छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचीं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, दोनों दलों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारे, बिना मतदान तय हुआ परिणाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो रिक्त सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम बिना मुकाबले राज्यसभा के लिए चुन ली गई हैं। दोनों दलों द्वारा एक-एक सीट पर प्रत्याशी उतारने और विरोध में कोई नामांकन नहीं होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक बनकर रह गई।
कांग्रेस ने बस्तर अंचल की वरिष्ठ आदिवासी नेत्री फूलोदेवी नेताम को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी में तीन दशक से अधिक समय से सक्रिय नेताम को दोबारा संसद भेजा जाना संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने बातचीत में कहा कि जब भी उन्हें संसद में अवसर मिला, उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास और प्रदेश के अधिकारों की आवाज उठाई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी पद की आकांक्षा नहीं रही, बल्कि संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, उसे निभाने का प्रयास किया।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा पर भरोसा जताया। वे वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य होने के साथ भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। महिला वर्ग और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रहने के साथ पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।
बताया जा रहा है कि भाजपा हाईकमान ने राज्यसभा उम्मीदवार के चयन से पहले कई नामों पर विचार-विमर्श किया था। अंतिम चरण में लक्ष्मी वर्मा के साथ डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और नारायण चंदेल के नाम पर भी चर्चा हुई, लेकिन संगठन में लंबे समय से सक्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया।
दोनों नेताओं के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही छत्तीसगढ़ की दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व तय हो गया है। अब राज्यसभा चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों नेता संसद में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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