11 जून से बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां, पर्यावरणीय बदलाव से गायब हुई लोकल बारिश, किसानों की चिंता बढ़ी
प्रदेश में मानसून के 13-14 जून तक दस्तक देने की प्रबल संभावना है। हालांकि, रायपुर तक मानसून के पहुंचने में 18 जून तक का समय लग सकता है।
प्रदेश में चिलचिलाती धूप और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए बारिश के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। जून माह के शुरुआती 10 दिनों में प्रदेश में महज 8.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 62 प्रतिशत कम है। बारिश की कमी के कारण जमीन की सतह ठंडी नहीं हो पा रही है, जिससे भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने मानसून के जल्द आने के संकेत दिए हैं।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, प्रदेश में मानसून के 13-14 जून तक दस्तक देने की प्रबल संभावना है। हालांकि, रायपुर तक मानसून के पहुंचने में 18 जून तक का समय लग सकता है। सामान्यतः 1 जून से 30 सितंबर तक के चार महीनों को मानसूनी सीजन माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अभी कोई मजबूत मौसमी सिस्टम नहीं बन पाया है, जिसके कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम बारिश ही देखने को मिल रही है।
एक बड़ी चिंता यह भी है कि प्रदूषण और वातावरणीय बदलावों के कारण अब भीषण गर्मी के बावजूद लोकल इफेक्ट से दोपहर बाद होने वाली प्री-मानसून बारिश गायब है। शहर की तपी हुई जमीन और वायु प्रदूषण के कारण बादल बरस नहीं पा रहे हैं, जिससे गर्मी और उमस का प्रकोप बना हुआ है।
राजधानी में अब तक केवल 5.1 मिमी बारिश
प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार बारिश का आंकड़ा काफी कम रहा है। राजधानी में अब तक केवल 5.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य (15.2 मिमी) से 67 प्रतिशत कम है। केवल बलरामपुर, दंतेवाड़ा, रायगढ़ और सूरजपुर ही ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। इस वर्ष मई में रायपुर में 62.5 मिमी बारिश ने पिछले 100 वर्षों का रेकॉर्ड तोड़ा था, लेकिन उसके बाद से स्थिति शुष्क बनी हुई है।
वर्ष 2020 में 23 जून को रायपुर में 24 घंटे के भीतर 130 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो आज भी एक रेकॉर्ड है। पिछले साल 11 जून को प्रदेश में 49 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन इस वर्ष 11 जून को वैसी स्थिति बनने के आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 जून से प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। जैसे ही मानसून प्रदेश में सक्रिय होगा, व्यापक बारिश के आसार बनेंगे, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल, मानसून के आने में हो रही देरी और बारिश की कमी ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आमजन अब भीषण गर्मी और उमस से निजात पाने के लिए मानसूनी बादलों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की पहली व्यापक बारिश ही प्रदेश को लू के थपेड़ों और उमस से पूरी तरह मुक्त कर पाएगी।
लोकल इफेक्ट
दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बाद बारिश
ज्यादा गर्मी से बनते हैं बादल
आधे से एक घंटे तक जोरदार बारिश
खंड बारिश, यानी एक मोहल्ले में, दूसरे में नहीं।
मौसमी बारिश में ये
बड़े सिस्टम बनने से दिन-रात या कभी भी बारिश
कई घंटे, पूरे शहर में व्यापक बारिश
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर या अन्य जगह बारिश
द्रोणिका, ऊपरी हवा का चक्रवात या कम दबाव के क्षेत्र से
पिछले 10 सालों में
जून में हुई बारिश (वर्ष 24 घंटे में मासिक वर्षा)
2016 - 31.9 - 165.2
2017 - 97.4 - 167.2
2018 - 62.0 - 167.4
2019 - 29.7 - 101.6
2020 - 129.8 - 270.9
2021 - 113.6 - 258.8
2022 - 15.2 - 46.0
2023 - 71.0 - 183.8
2024 - 38.2 - 141.0
2025 - 49.0 - 126.1 (बारिश मिमी में)
सामान्य व ज्यादा
बारिश वाले जिले ये (जिले बारिश अधिक प्रतिशत में)
सूरजपुर - 20.9 - 61
बलरामपुर - 19.9 - 49
दंतेवाड़ा - 18.6 - 09
सरगुजा - 23.0 - 02
रायगढ़ - 12.0 - 17
सामान्य से कम (बारिश वाले जिले)
जिला बारिश कमी प्रतिशत में
कांकेर - 00 - 100
खैरागढ़ - 00 - 100
मोहला मानपुर - 0.2 - 99
राजनांदगांव - 0.1 - 99
कवर्धा - 0.1 - 99
बालोद - 0.3 - 98
दुर्ग - 0.4 - 98
बेमेतरा - 0.5 - 97
कोंडागांव - 1.0 - 97
बलौदाबाजार - 0.6 - 96
टॉपिक एक्सपर्ट
मई-जून में कम बारिश हुई है। हालांकि अभी प्रदेश में मानसून नहीं पहुंचा है। इसके पहुंचने के बाद व्यापक बारिश होने की संभावना है। जून में अच्छी बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस साल देखने वाली बात होगी कि अच्छी बारिश होती है या नहीं। सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है। जून में गर्मी भी पड़ने की आशंका है।
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