प्रदेश में आंधी-बारिश का असर, आज भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना

प्रदेश में आंधी-बारिश का असर, आज भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा और बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली। सोमवार देर रात राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी के साथ अच्छी बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज हवा के कारण कई जगह पेड़ गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। इस दौरान हवाएं करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।

गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना

सोमवार को दिन के समय प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया था। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च को प्रदेश के कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

 न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था। सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों के अलावा राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, रायपुर, बलौदाबाजार, नारायणपुर और सुकमा में आंधी, तेज हवाएं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई थी। यह अलर्ट 17 मार्च सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहा।