रायपुर रेलवे स्टेशन का ‘फाइन गेम’! आखिर ग्रामीण यात्रियों पर क्यों टिकती है टीटी की नजर? जानें अजीबो-गरीब मामला
रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान टीटी की कार्रवाई चर्चा में रही। रसीद बुक के साथ यात्रियों की जांच की गई। ग्रामीण यात्रियों से पूछताछ और फाइन प्रक्रिया को लेकर स्टेशन पर अलग नजारा देखने को मिला।
छत्तीसगढ़ के रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान एक अलग नजारा देखने को मिला। सुबह करीब 10.30 बजे पूछताछ काउंटर के सामने बने हॉल में तीन महिला टीटी रसीद बुक के साथ यात्रियों पर नजर रखे हुए थीं। कुछ ही देर में टिकट जांच की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान कई यात्रियों से पूछताछ की गई। ग्रामीण परिवेश के यात्रियों पर टीटी की नजर ज्यादा जाती दिखी। स्टेशन पर टिकट जांच और फाइन काटने की प्रक्रिया को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा भी होती रही।
सामान और पहनावे से पहचानने की कोशिश?
हॉल में एक परिवार सिर पर सामान लेकर पहुंचता है। महिला टीटी तुरंत उनके पास जाती हैं और पूछती हैं कि कहां जाना है। परिवार की महिला पुणे जाने की बात कहती है। इसी दौरान दूसरी टीटी भी वहां पहुंचती हैं और ट्रेन में भीड़ होने की बात कहते हुए टिकट और फाइन को लेकर बातचीत शुरू करती हैं। ग्रामीण परिवार स्थिति को समझते हुए बताता है कि उन्हें पुणे नहीं बल्कि शिरडी जाना है। इसके बाद बातचीत का रुख बदल जाता है। टीटी उन्हें पहले टिकट लेने की बात कहकर वहां से हटने के लिए कहती हैं।
टिकट वाले यात्री छोड़ दिए जाते हैं, दूसरे यात्रियों पर बढ़ती नजर
इस दौरान टीटी की नजर पूरे हॉल में घूमती रहती है। कुछ देर बाद एक युवती ट्रॉली बैग लेकर प्लेटफार्म की तरफ से निकलती है। उससे टिकट मांगा जाता है। टिकट दिखाने के बाद उसे जाने दिया जाता है। इसके बाद दो युवक गमछा डालकर प्लेटफार्म की ओर बढ़ते हैं। टीटी उन्हें रोककर टिकट की जांच करती हैं। टिकट दिखाने के बाद भी उनसे बातचीत शुरू होती है और फाइन की स्थिति बनाने की कोशिश की जाती है।
दैनिक यात्रियों के लिए आम है ऐसा नजारा
रेलवे स्टेशन पर रोज सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह दृश्य नया नहीं है। भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर यात्री इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन कई यात्रियों का कहना है कि टिकट जांच के दौरान ग्रामीण और कम जानकारी रखने वाले यात्री आसानी से निशाने पर आ जाते हैं।
टारगेट पूरा करने का दबाव
रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का दबाव रहता है। इसी वजह से कई बार ज्यादा फाइन वाले मामलों पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि रेलवे के नियमों के तहत बिना टिकट या गलत टिकट पर कार्रवाई करना टीटी की जिम्मेदारी होती है। रायपुर स्टेशन का यह नजारा टिकट जांच व्यवस्था और यात्रियों के अनुभवों के बीच एक अलग तस्वीर सामने रखता है, जहां नियमों के पालन के साथ यात्रियों के साथ व्यवहार भी अहम मुद्दा बन जाता है।
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