कामचटका में फिर कांपी धरती, 7.0 तीव्रता के झटके; जापान का भूकंप अलर्ट निकला गलत
152 किमी गहराई में आया भूकंप, फिलहाल सुनामी की आशंका नहीं; पिछले साल 8.8 तीव्रता के झटके से उठी लहरों ने तटीय क्षेत्र में मचाई थी तबाही
रूस के कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार को एक बार फिर शक्तिशाली भूकंप आया। इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई। भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, झटके करीब 152 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किए गए। फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है। इस बीच जापान में भूकंप को लेकर जारी एक अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी, लेकिन बाद में मौसम एजेंसी ने इसे गलत अनुमान बताते हुए वापस ले लिया। कामचटका में लगातार भूकंपीय गतिविधियां इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को रेखांकित करती हैं।
भूकंप के बाद जापान में भी जारी हुई चेतावनी
रूस में आए भूकंप के बाद जापान की मौसम एजेंसी ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:36 बजे 9.9 तीव्रता के भूकंप का अलर्ट जारी किया था। चेतावनी में होक्काइडो से तोकाई तक के क्षेत्रों में तेज झटके आने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, करीब 12 मिनट बाद दोपहर 12:48 बजे एजेंसी ने अलर्ट वापस ले लिया। जापानी प्रसारक एनएचके के अनुसार, एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता का आकलन वास्तविकता से काफी अधिक हो गया था। इस तरह कुछ ही मिनटों में जारी चेतावनी को रद्द करना पड़ा।
2025 में 8.8 तीव्रता के भूकंप
ने मचाई थी तबाही
कामचटका में 30 जुलाई 2025 को समुद्र के पास 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था। यह उस साल के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल था। इसके बाद समुद्र में सुनामी की लहरें उठीं, जिनसे तटीय इलाकों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार, एक गांव का कुछ हिस्सा समुद्र में समा गया था।
उस घटना के बाद कई देशों में सुनामी को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई थी। समुद्र के नीचे आने वाले शक्तिशाली भूकंप समुद्री जल को विस्थापित कर सुनामी पैदा कर सकते हैं। हालांकि, इसका खतरा भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसके केंद्र की स्थिति और अन्य भूगर्भीय परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।
सालभर सक्रिय रहा कामचटका का भूकंपीय क्षेत्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में कामचटका क्षेत्र में 1200 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए गए थे। इनमें अधिकांश की तीव्रता 2.0 से 4.0 के बीच रही। इसके अलावा, 4.0 या उससे अधिक तीव्रता के 150 से ज्यादा झटके दर्ज किए गए। पिछले साल इस क्षेत्र में 7.0 या उससे अधिक तीव्रता के तीन बड़े भूकंप आने की जानकारी भी दी गई थी।
ताजा झटकों के बाद सुनामी पर नजर
शुक्रवार को आए भूकंप के बाद फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है। इसके बावजूद भूकंप संभावित क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं के बाद निगरानी महत्वपूर्ण रहती है। जापान में गलत अलर्ट जारी होने और फिर उसे वापस लेने की घटना ने भी भूकंप की तीव्रता का सही आकलन करने तथा समय पर सटीक सूचना देने की अहमियत को सामने रखा है।
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