खाद-बीज और आवास की मांग पर किसानों का जल सत्याग्रह, तालाब में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
पाटन के कुर्मीगुंडरा गांव में अनोखा आंदोलन, लक्ष्मी सागर तालाब में खड़े होकर सरकार तक पहुंचाई मांग
दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में खाद, बीज और आवास की मांग को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से आंदोलन छेड़ दिया है। ग्राम कुर्मीगुंडरा के लक्ष्मी सागर तालाब में सैकड़ों महिला-पुरुष जल सत्याग्रह करते हुए पानी के भीतर खड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
पाटन/दुर्ग। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम कुर्मीगुंडरा में किसानों और ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। खाद, बीज और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हितग्राहियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण लक्ष्मी सागर तालाब में उतर गए और पानी के बीच खड़े होकर विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का दावा है कि पाटन क्षेत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग जल सत्याग्रह के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल किसान और आवास हितग्राही पाटन ब्लॉक के विभिन्न गांवों से पहुंचे हैं।
जल सत्याग्रह की शुरुआत से पहले ग्रामीणों ने धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया। तालाब किनारे भगवान शंकर का अभिषेक कर देश के कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री के नाम विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान की कामना करते हुए जल सत्याग्रह का शुभारंभ किया।
आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन भी सक्रिय हो गया। मौके पर नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह और रानीतराई थाना पुलिस की टीम मौजूद रही तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खेती के लिए समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ भी मिलना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जल सत्याग्रह लगातार जारी रहेगा।
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