E20 पेट्रोल के विरोध में केजरीवाल का पीएम आवास मार्च, दो लाख से अधिक हस्ताक्षर सौंपने का ऐलान
शुद्ध पेट्रोल का विकल्प और E20 की कीमत घटाने की मांग; भाजपा ने बताया राजनीतिक प्रदर्शन
नई दिल्ली (ए)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की घोषणा की है। मार्च से पहले उन्होंने कहा कि देशभर के दो लाख से अधिक लोगों ने E20 पेट्रोल को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करते हुए प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखे हैं और वे इन हस्ताक्षरित याचिकाओं को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएंगे।
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि इसी कारण अब वे स्वयं जनता के हस्ताक्षरित ज्ञापनों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे।
पेट्रोल पंपों पर दो विकल्प देने की मांग
आप प्रमुख ने मांग की कि देश के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि E20 मिश्रित पेट्रोल की कीमतों में कमी की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
भाजपा ने साधा निशाना
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के प्रस्तावित मार्च को राजनीतिक नौटंकी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना और उसके बाद सरकार पर संवाद से इनकार का आरोप लगाना आम आदमी पार्टी की पुरानी रणनीति रही है।
मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का उद्देश्य जनहित से अधिक राजनीतिक संदेश देना है। उन्होंने दावा किया कि यदि पुलिस सुरक्षा कारणों से मार्च रोकती है, तो आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास करेगी।
E20 नीति पर बहस तेज
E20 पेट्रोल नीति को लेकर हाल के दिनों में विभिन्न वर्गों के बीच चर्चा तेज हुई है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर सरकार से पुनर्विचार की मांग कर रही है, जबकि केंद्र सरकार इसे ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने और स्वदेशी एथेनॉल उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती रही है।
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