छत्तीसगढ़ के गांवों के विकास पर बड़ा निवेश, 5 साल में मिलेंगे 11,664 करोड़ रुपए

16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत छत्तीसगढ़ को अगले 5 वर्षों में ग्रामीण विकास के लिए 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के गांवों के विकास पर बड़ा निवेश, 5 साल में मिलेंगे 11,664 करोड़ रुपए

16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं को लेकर नई दिल्ली में शुक्रवार को राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। इसमें डिप्टी सीएम विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

वर्षवार आवंटन इस प्रकार

वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है। यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बेहतर सेवा और जवाबदेही पर चर्चा

इस मौके पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करने और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। डिप्टी सीएम शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सहभागिता करते हुए पंचायतों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया।

पंचायतों की वित्तीय क्षमता होगी मजबूत

कार्यशाला के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के प्रभावी आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

तकनीकी सत्रों में शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लिया और पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायतों को अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया।

गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में मिलने वाला यह अनुदान छत्तीसगढ़ के हजारों गांवों में विकास कार्यों को नई गति देगा। इससे ग्राम पंचायतों को बुनियादी सुविधाओं के विकास, अधोसंरचना निर्माण और जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और स्थानीय शासन व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में यह राशि महत्वपूर्ण साबित होगी।