डोंगरगढ़ से रायपुर तक देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़
राजधानी के अधिकांश पंडालों में हवन पूरा, डोंगरगढ़ और रतनपुर में दर्शन के लिए भक्तों का तांता; अंबिकापुर में हुई संधि पूजा
रायपुर। नवरात्र के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ में सोमवार को देवी आराधना के लिए मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। महाष्टमी के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने पहुंचे। डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर, बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर और रायपुर के महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी रही।
माता के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए भक्तों ने चुनरी, नारियल और फूल अर्पित किए। लोगों ने परिवार में सुख, शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसरों में दर्शन के लिए कतारें नजर आईं। नवरात्र के अंतिम दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ा हुआ है।
पंचांग के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक अष्टमी तिथि थी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हुई। उदया तिथि के अनुसार महाष्टमी मनाई गई और मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। कई स्थानों पर हवन, पूजन और कन्या भोज से जुड़े आयोजन भी किए जा रहे हैं।
राजधानी रायपुर में पूजा पंडालों में अनुष्ठान अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। पंडित शिरीष कुमार मिश्रा के अनुसार, शहर के लगभग 90 प्रतिशत पंडालों में हवन पूरा हो गया है। नवरात्र के समापन की तैयारियों के बीच विभिन्न समितियों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अंबिकापुर के मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यहां राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव ने परंपरा के अनुसार संधि पूजा की। दूसरी ओर, रायपुर के महामाया मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भीड़ जुटी रही। प्रदेशभर के देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला जारी रहा।
suntimes 