नियमितीकरण की मांग पर विद्यामितानों का आंदोलन तेज, सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

अनिश्चितकालीन धरने में 1600 प्रतिनियुक्ति अतिथि शिक्षक शामिल, पूर्व विधायक अरुण वोरा ने पहुंचकर दिया समर्थन; मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

नियमितीकरण की मांग पर विद्यामितानों का आंदोलन तेज, सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

दुर्ग। नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत करीब 1600 प्रतिनियुक्ति अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अब निर्णायक लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। अनिश्चितकालीन धरने के बीच शनिवार को शिक्षकों ने सरकार को सद्बुद्धि देने की कामना के साथ यज्ञ का आयोजन किया और अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग दोहराई।

धरना स्थल पर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने आंदोलनरत शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस और समयबद्ध निर्णय आवश्यक है।

वोरा ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षक और उनके परिवार भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए लंबित मांगों का जल्द निराकरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे शिक्षकों की मांगों को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

इस दौरान आंदोलनकारी शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से नियमितीकरण की मांग लंबित है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया, ताकि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान दे।

शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।