प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 10 माह में बने 5 लाख पक्के घर

2025–26 में देश में सर्वाधिक आवास निर्माण, मुख्यमंत्री साय बोले— गरीबों के सम्मान और आत्मनिर्भरता की बुनियाद है पीएम आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 10 माह में बने 5 लाख पक्के घर

प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य ने महज 10 माह 4 दिवस की अवधि में 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है, जो किसी एक वित्तीय वर्ष में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जिलों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम मानी जा रही है।

रायपुर।  प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के मामले में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिए गए नीतिगत निर्णयों और जमीनी स्तर पर उनके सख्त अनुपालन के चलते राज्य ने आवास निर्माण में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में गठित नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई थी। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी जिलों में मिशन मोड में कार्य शुरू किया गया। इसके परिणामस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने 5 लाख आवास पूर्ण करने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

आवास निर्माण में जिलों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस सफलता का प्रमुख आधार बनी। बिलासपुर जिले में 29,235, महासमुंद में 27,224, बलरामपुर में 27,012, कोरबा में 26,839 तथा रायगढ़ जिले में 26,707 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। वहीं मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली और जैजैपुर जनपद पंचायतों ने भी 7,500 से अधिक आवास बनाकर उल्लेखनीय योगदान दिया।

राज्य सरकार ने आवास निर्माण को केवल घर तक सीमित न रखते हुए इसे आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी जोड़ा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से निर्माण सामग्री की आपूर्ति कराई जा रही है। सीएलएफ बैंकों से ऋण लेकर हजारों महिलाओं ने यह कार्य शुरू किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इस पहल से अब तक 8,000 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभरी हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के लिए राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 महिलाएं और 292 आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल रोजगार सृजन के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।

हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के तहत आजीविका संवर्धन के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आय के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे छत्तीसगढ़ की सुशासन आधारित विकास नीति की सफलता बताते हुए कहा कि आवास, आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़कर राज्य ने समग्र विकास का मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया है।