बैंक मैनेजर को ही ठग ने लगाया 5 लाख का फटका, 2 करोड़ की FD का दिखाया सपना

खुद को कार कंपनी का मालिक बताकर रचा जाल, फर्जी मेल से मेडिकल भुगतान के नाम पर कराई रकम ट्रांसफर; कंपनी ने 40 मिनट बाद खोली पोल

बैंक मैनेजर को ही ठग ने लगाया 5 लाख का फटका, 2 करोड़ की FD का दिखाया सपना

रायपुर। साइबर ठगी के नए तरीके में जालसाज ने रायपुर की एक बैंक मैनेजर को ही अपना शिकार बना लिया। आरोपी ने पहले करीब 2 करोड़ रुपए की एफडी कराने की बात कहकर बैंक मैनेजर से संपर्क बढ़ाया। विश्वास कायम होने के बाद उसने मेडिकल भुगतान के लिए तत्काल 4 लाख 99 हजार रुपए RTGS कराने को कहा। फर्जी ई-मेल से मिले आवेदन पर बैंक मैनेजर ने रकम मुंबई के खाते में भेज दी। करीब 40 मिनट बाद कंपनी की ओर से भुगतान से इनकार किए जाने पर पूरा मामला फर्जी निकला।

फोन से शुरू हुई ठगी की कहानी

20 अगस्त को बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा के पास एक व्यक्ति का फोन आया। संपर्क नहीं होने पर उसने मैसेज भेजा। उसने अपना नाम प्रशांत मंधान बताया और खुद को इंटारा कार कंपनी का संचालक बताया। 21 अगस्त को उसने बैंक में करीब 2 करोड़ रुपए की एफडी कराने की इच्छा जताई। ब्याज दर 6.45 प्रतिशत बताए जाने के बाद उसने बैंक आने की बात कही।

एक भरोसे के बाद दूसरा जाल

24 अगस्त को आरोपी ने फिर फोन किया। इस बार उसने चेकबुक खत्म होने और मेडिकल भुगतान के लिए तत्काल पैसे की जरूरत बताई। उसने 4.99 लाख रुपए RTGS कराने को कहा। बैंक मैनेजर के कहने पर आरोपी ने फर्जी ई-मेल से भुगतान आवेदन भेज दिया।

कुर्ला के खाते में पहुंची रकम

आवेदन में दिए दस्तावेज और हस्ताक्षर का मिलान करने के बाद बैंक मैनेजर ने दोपहर करीब 1:20 बजे मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक खाते में 4.99 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन महज 40 मिनट बाद कंपनी के मैनेजर के फोन ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। कंपनी ने ऐसा कोई भुगतान आवेदन भेजने से इनकार कर दिया।

रिकॉर्ड में नहीं मिला आरोपी का नंबर

जांच के दौरान कंपनी के रिकॉर्ड में आरोपी का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी नहीं मिली। बैंक मैनेजर ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खाते में रकम के ट्रांजेक्शन और आरोपी के मोबाइल व ई-मेल की भी जांच कर रही है।