सोना 1.61 लाख के पार, चांदी भी ₹2.47 लाख पर पहुंची

एक हफ्ते में सोना ₹8,257 और चांदी ₹12,788 महंगी; इस साल अब तक सोने में ₹28 हजार की तेजी

सोना 1.61 लाख के पार, चांदी भी ₹2.47 लाख पर पहुंची

घरेलू सराफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार बढ़त दर्ज हुई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹8,257 महंगा होकर ₹1,60,620 पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत ₹12,788 बढ़कर ₹2,46,630 किलो हो गई।

नई दिल्ली (ए)। कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला इस सप्ताह भी जारी रहा। 14 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,363 प्रति 10 ग्राम थी, जो 22 अगस्त को बढ़कर ₹1,60,620 हो गई। इसी तरह चांदी ₹2,33,842 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,46,630 पर पहुंच गई।

कैरेट के हिसाब से सोने के भाव

कैरेट कीमत (₹/10 ग्राम)

24 कैरेट ₹1,60,620

22 कैरेट ₹1,47,128

18 कैरेट ₹1,20,465

14 कैरेट ₹93,963

बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव

दिल्ली और जयपुर में 10 ग्राम सोना ₹1,63,240, मुंबई और कोलकाता में ₹1,63,090, भोपाल और पटना में ₹1,63,140, लखनऊ में ₹1,63,240, जबकि रायपुर में ₹1,63,090 दर्ज किया गया।

2026 में सोना ₹28 हजार तक चढ़ा

इस साल सोने की कीमत में अब तक करीब ₹27,425 की बढ़ोतरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना ₹1,33,195 था, जो 22 अगस्त 2026 को ₹1,60,620 हो गया। चांदी भी ₹2,30,420 से बढ़कर ₹2,46,630 प्रति किलो हो गई है।

साल की शुरुआत में कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। 29 जनवरी को सोना ₹1,76,000 और चांदी ₹3,86,000 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी।

दिसंबर तक और तेजी का अनुमान

कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वीपी एवं कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण सोने को लगातार समर्थन मिल रहा है। उनके अनुमान के अनुसार दिसंबर तक सोना ₹1.70 लाख और चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

गहने खरीदते समय तीन सावधानियां

BIS हॉलमार्क जरूर देखें: केवल प्रमाणित और हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है।

रेट की जांच करें: खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने का भाव और वजन जरूर मिलाएं। 24, 22 और 18 कैरेट के भाव अलग होते हैं।

मेकिंग चार्ज पर बातचीत करें: गहने की कीमत में मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है। इसकी दर तय नहीं होती, इसलिए खरीदारी से पहले इसका पूरा ब्रेकअप मांगना और मोलभाव करना फायदेमंद हो सकता है।