भारतमाला परियोजना जांच में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS जे.के. ध्रुव के ठिकानों पर दबिश

रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े कथित भुगतान अनियमितता मामले में दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए

भारतमाला परियोजना जांच में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS जे.के. ध्रुव के ठिकानों पर दबिश

*भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित भुगतान घोटाले की जांच ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे.के. ध्रुव से जुड़े ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। सुबह से चली इस कार्रवाई को परियोजना में हुए कथित वित्तीय लेन-देन और भुगतान संबंधी अनियमितताओं की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।*

भिलाई/रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े कथित भुगतान घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे.के. ध्रुव के भिलाई स्थित सेक्टर-10 निवास समेत तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब छह बजे कई वाहनों में पहुंचे ईडी अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में प्रवेश कर दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण किया और डिजिटल डेटा को भी खंगाला।

सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है। एजेंसी इस मामले में धन के प्रवाह, भुगतान स्वीकृति और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। जांच एजेंसी की टीम देर शाम तक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी रही।

गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना देश की प्रमुख आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। ऐसे में परियोजना से जुड़े किसी भी वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।