महंगाई पर वोरा का वार: बोले- चीनी की मिठास छीन रही सरकार की आर्थिक नीतियां
पूर्व विधायक ने E20 नीति और चीनी के दामों को लेकर केंद्र पर साधा निशाना, कहा- त्योहारों में बढ़ती कीमतों से आम आदमी का बजट बिगड़ा
दुर्ग। त्योहारों के बीच रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। दुर्ग शहर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण वोरा ने चीनी के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है और महंगाई के कारण त्योहारों की खुशियां प्रभावित हो रही हैं।
वोरा ने चीनी की कीमतों में वृद्धि को इथेनॉल नीति से जोड़ते हुए कहा कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने से चीनी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय में चीनी के दाम में तेज बढ़ोतरी हुई है और इसका असर घरों के मासिक बजट पर दिखाई दे रहा है।
E20 पेट्रोल को लेकर भी उठाए सवाल
अरुण वोरा ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 को लेकर भी केंद्र सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों की ओर से माइलेज कम होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, कम माइलेज के कारण लोगों को समान दूरी तय करने के लिए अधिक पेट्रोल खर्च करना पड़ रहा है, जिससे वाहन चलाने की लागत बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ वाहन मालिक संभावित तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे भी उनके मासिक खर्च में बढ़ोतरी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों की ओर से भी माइलेज और वाहन संबंधी दिक्कतों की शिकायतें किए जाने का दावा उन्होंने किया।
इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से चीनी उपलब्धता पर सवाल
वोरा ने कहा कि देश में उत्पादित गन्ने का एक हिस्सा इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। उनके अनुसार इसका असर चीनी के उत्पादन, घरेलू उपलब्धता और निर्यात क्षमता पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार के चीनी आयात के फैसले को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जिस देश की पहचान प्रमुख चीनी निर्यातकों में रही है, उसे अब आयात की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि बड़ी मात्रा में गन्ने का इथेनॉल उत्पादन की ओर जाने से चीनी बाजार पर दबाव बढ़ा है और इसका प्रभाव उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।
दूध समेत अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई का असर केवल चीनी तक सीमित नहीं है। दूध और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्याज, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ना आम लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है।
किसानों को भी नहीं मिल रहा बढ़ती मांग का पूरा लाभ: वोरा
वोरा ने गन्ने की बढ़ती मांग का लाभ किसानों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के बीच नीतिगत समन्वय की कमी का खामियाजा उपभोक्ताओं और किसानों दोनों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में नियंत्रण नहीं हुआ तो कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी मुद्रा बचाने के लिए E20 नीति को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन इसका लाभ आम वाहन मालिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। वोरा ने कहा कि सरकार को महंगाई और रोजमर्रा के खर्च से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
suntimes 