2028 की तैयारी में जुटी भाजपा, स्मृति ईरानी ने बैठकों से साधा संगठन
विधायकों-सांसदों के बाद मंत्रियों से होगा संवाद, कोर ग्रुप की बैठक में सरकार और संगठन के तालमेल पर होगी चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भाजपा ने मंथन तेज कर दिया है। प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में विधायकों के साथ बैठक शुरू हुई। प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू की मौजूदगी में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सोमवार को बैठकों का कार्यक्रम अलग-अलग चरणों में निर्धारित किया गया है। विधायकों के साथ चर्चा के बाद सुबह 11:30 बजे से सांसदों की बैठक, दोपहर 12:30 से 2 बजे तक मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श और दोपहर 3 बजे कोर ग्रुप की बैठक रखी गई है। दिन के अंतिम चरण में शाम 4:30 बजे विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा।
मंत्रियों के साथ होने वाली चर्चा को लेकर राजनीतिक हलकों में विशेष दिलचस्पी है। रविवार को हुई बैठकों में कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर असंतोष और शिकायतें सामने आने की जानकारी मिली थी। हालांकि, इन शिकायतों के संबंध में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। सोमवार की बैठकों में सरकार की कार्यप्रणाली, संगठन की अपेक्षाओं और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं।
बैठक में भाग लेने के लिए भाजपा विधायक राजेश मूणत, गोमती साय, दीपेश साहू, भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अजय चंद्राकर और पुन्नूलाल मोहले सहित कई नेता पार्टी कार्यालय पहुंचे। रेणुका सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी रही।
पहले दिन चुनावी रणनीति और संगठन की सक्रियता पर जोर
प्रदेश प्रभारी ने रविवार को अपने दौरे के पहले दिन लगभग नौ घंटे तक पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं के साथ बैठकें की थीं। इन चर्चाओं का प्रमुख केंद्र वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और सरकार तथा पार्टी संगठन के बीच समन्वय बढ़ाना रहा।
पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ बैठक में स्मृति ईरानी ने नेताओं से आगामी चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार मांगे। उन्होंने पार्टी नेताओं को आपसी एकजुटता बनाए रखने और संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
बैठकों में पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा निगम-मंडल के पदाधिकारियों की ओर से कुछ मंत्रियों के कामकाज पर सवाल उठाए जाने की बात भी सामने आई। अब सोमवार को विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और कोर ग्रुप के साथ होने वाली चर्चाओं को संगठनात्मक समीक्षा और आगामी चुनाव की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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