3% कमीशन दो, तभी मिलेगा चेक? आरोपों से भड़के सरपंचों ने दुर्गूकोंदल जनपद पंचायत में जड़ा ताला
कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल जनपद पंचायत में निर्माण कार्यों के भुगतान के बदले 3 प्रतिशत कमीशन लेने के आरोप को लेकर सरपंचों और जनपद सदस्यों ने धरना शुरू कर दिया।
जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल में निर्माण कार्यों की चेक जारी करने के एवज में 3 प्रतिशत कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाते हुए विकासखंड के सरपंचों और जनपद सदस्यों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। आक्रोशित सरपंचों ने जनपद कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक जनपद सीईओ सुरेंद्र बंजारे को पद से नहीं हटाया जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन कर रहे सरपंचों ने सीईओ सुरेंद्र बंजारे की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हजारों रुपए नगद देना पड़ा कमीशन
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सीईओ निर्माण कार्यों की राशि जारी करने से पहले 3 प्रतिशत कमीशन की मांग करते हैं। कमीशन न मिलने पर महीनों तक चेक रोककर जनपद के चक्कर कटवाए जाते हैं। सरपंच रमशीला कोमरा और कुबेर दर्रो ने बताया कि उन्हें पुलिया व अन्य स्वीकृत कार्यों के चेक के लिए हजारों रुपए नगद कमीशन देना पड़ा। वहीं सरपंच बसंती भालेश्वर ने आरोप लगाया कि 9 लाख रुपए के चेक का कमीशन न मिलने पर सीईओ स्वयं उनके घर पहुंचे, जहां विवश होकर उन्हें 18 हजार रुपए देने पड़े। सरपंचों के अनुसार, सीईओ कमीशन का पूरा हिसाब एक डायरी में लिखकर रखते हैं। सरपंच मुकेश गावड़े, उमेश्वरी मंडावी और बलराम टेपरिया सहित अन्य सरपंचों ने भी जनपद में भ्रष्टाचार चरम पर होने की बात कही।
निर्वाचित सरपंचों से कमीशन लेना दुर्भाग्यपूर्ण
विधायक सावित्री मंडावी का समर्थन, 29 जून का अल्टीमेटम: सरपंचों के इस आंदोलन को समर्थन देने भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी भी धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासनिक तंत्र को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त है, जिससे वे बेलगाम हो चुके हैं। निर्वाचित सरपंचों से कमीशन लेना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधायक की उपस्थिति में जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार दुर्गूकोंदल को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में प्रशासन को 29 जून 2026 तक सीईओ सुरेंद्र बंजारे को हटाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर भ्रष्ट अधिकारी को नहीं हटाया गया, तो 30 जून को उनके नेतृत्व में पूरे विकासखंड में उग्र चक्काजाम किया जाएगा। लिखित अल्टीमेटम सौंपने के बाद जनप्रतिनिधियों ने फिलहाल अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त किया है।
पूर्व की शिकायतों पर कार्रवाई न होने से आक्रोश
जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपी बढ़ाई, उपाध्यक्ष आनंद तेता और जनपद सदस्यों ने बताया कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ 2 जून 2026 को जिला पंचायत सीईओ और 8 जून 2026 को चक्काजाम कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण जनप्रतिनिधियों को तालाबंदी जैसे कड़े कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा।
शासकीय कार्य ठप होने पर प्रशासन से की कड़ी कार्रवाई की मांग
जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल में जारी तालाबंदी आंदोलन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी मंडल दुर्गूकोंदल द्वारा तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से शासकीय कार्य में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष बिदेसिंह कल्लो, मंडल महामंत्री रामचंद्र कल्लो एवं शकुंतला नरेटी के संयुक्त नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में साफ कहा गया है कि जनपद कार्यालय में तालाबंदी की वजह से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सभी महत्वपूर्ण शासकीय कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना "सुशासन तिहार एवं समाधान शिविर" संचालित की जा रही है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में जनपद पंचायत कार्यालय में ताला जड़ दिए जाने से प्रशासनिक मशीनरी रुक गई है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसपी व एसडीएम को भी भेजी गई है। इस दौरान अशोक जैन, सिरों कोमरे, रामकिशोर सिन्हा, राहुल जामुलकर, सतीश जैन, मनोज दुग्गा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अधिकारियों से अभद्र व्यवहार का आरोप
भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि जनपद पंचायत कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि सार्वजनिक मंच से अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया गया। यह कृत्य शासकीय गरिमा के सर्वथा विपरीत है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सबको है, परंतु दफ्तरों में ताला लगाकर जनता को रोकना सर्वथा अनुचित है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि जनपद कार्यालय का ताला तुरंत खुलवाकर कार्य सुचारू किया जाए तथा दोषियों पर निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई हो।
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